Saturday, August 29, 2026
Your Dream Technologies
HomeUttar Pradeshकानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख, माफिया पर अभियान जारी रखने के...

कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख, माफिया पर अभियान जारी रखने के निर्देश; जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में भीड़ प्रबंधन की अलग रणनीति, बांके बिहारी मंदिर के लिए विशेष सुरक्षा प्लान

“तारीख पर तारीख’ नहीं, अब पांच दिन में देना होगा जवाब: CM योगी”

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अपराध नियंत्रण, जनता की शिकायतों के निस्तारण, राजस्व मामलों में लंबित मुकदमों, आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध और माफिया के खिलाफ चल रहा अभियान पूरी मजबूती और बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए। संवेदनशील मामलों में पुलिस की सक्रियता 24 घंटे बनी रहे और किसी घटना के बाद कार्रवाई में देरी की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मवेशी तस्करी और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए।

माफिया पर कार्रवाई में ढिलाई नहीं, पुलिस रहे 24 घंटे अलर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज कायम रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपराधियों और माफिया तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों और संवेदनशील मामलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए।

मवेशी तस्करी और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन को लगातार निगरानी रखने को कहा। धार्मिक स्थलों से संबंधित किसी भी घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि किसी भी घटना को छोटी समझकर नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति आगे चलकर बड़ी समस्या पैदा कर सकती है।

उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत करने और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

राजस्व मामलों में ‘तारीख पर तारीख’ अब नहीं चलेगी

जनता से जुड़ी शिकायतों और राजस्व मामलों की सुनवाई में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ‘तारीख पर तारीख’ देने की कार्यप्रणाली तत्काल समाप्त होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित मामलों के कारण आम नागरिकों को लगातार सरकारी कार्यालयों और अदालतों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसी स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व मामलों के निस्तारण में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जाएं। केवल कागजों में निस्तारण दिखाने के बजाय शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

शिकायतकर्ता असंतुष्ट तो दोबारा होगी जांच

जनता की शिकायतों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को और अधिक जवाबदेह बनाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायत का निस्तारण केवल खानापूर्ति के लिए किया गया और शिकायतकर्ता उससे संतुष्ट नहीं है, तो मामले की दोबारा जांच कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में संबंधित जिले को पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा। यदि जांच में शिकायत के गलत तरीके से निस्तारण या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जनसुनवाई व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि लोगों को न्याय और वास्तविक समाधान उपलब्ध कराना है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि फरियादी को बार-बार अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में उमड़ेगा सैलाब, तैयार रहे प्रशासन

आगामी जन्माष्टमी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा और वृंदावन की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पहले से ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे सुरक्षा के साथ-साथ यातायात और भीड़ नियंत्रण भी प्रभावी ढंग से हो सके।

मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन के लिए व्यापक क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार करने को कहा। इसके तहत श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास, पार्किंग, यातायात, पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन योजना

वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंदिर के लिए विशेष सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ का दबाव बढ़ने पर किसी भी स्थिति में अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। पुलिस और प्रशासन आपसी समन्वय के साथ काम करें तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

उन्होंने वृंदावन में नया पुलिस सर्कल बनाने का आदेश भी दिया। इसके साथ ही मथुरा और वृंदावन में अलग-अलग ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश दिए गए, ताकि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी और संचालन प्रभावी ढंग से किया जा सके।

गंभीर अपराध 5.1% घटे, महिला अपराधों में भी 3.9% कमी

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में अपराध की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी अवधि में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 3.9 प्रतिशत की कमी बताई गई।

मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों के बावजूद अधिकारियों को सतर्क रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अपराध के आंकड़ों में कमी के बावजूद पुलिस को किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। अपराध नियंत्रण की स्थिति का लगातार विश्लेषण किया जाए और जिन क्षेत्रों में अपराध बढ़ने की संभावना हो, वहां पहले से प्रभावी रणनीति तैयार की जाए।

उन्होंने जोन और रेंज स्तर पर हर सप्ताह अपराध के आंकड़ों का विश्लेषण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि केवल आंकड़े तैयार करने के बजाय उनके आधार पर अपराध नियंत्रण की रणनीति भी बनाई जाए।

महिला और बाल अपराधों पर फास्ट एक्शन

मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई तेज, प्रभावी और पीड़ित के प्रति संवेदनशील होनी चाहिए।

पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित शिकायतों में अनावश्यक देरी न हो। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अपराध की समीक्षा के दौरान स्थानीय स्तर पर पुलिस की जवाबदेही और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया।

गणेश प्रतिमा विसर्जन पर भी सरकार अलर्ट, हाईटेंशन लाइन और नदियों पर खास निगरानी

आगामी गणेश प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विसर्जन स्थलों पर भीड़ और संभावित जोखिमों को देखते हुए प्रशासन पहले से पूरी तैयारी रखे।

मुख्यमंत्री ने खास तौर पर हाईटेंशन बिजली लाइनों और उफान पर चल रही नदियों वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा। ऐसे स्थानों को पहले से चिन्हित कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

विसर्जन के संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, बैरिकेडिंग कराने और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम समय से पहले पूरा करने को कहा गया। प्रशासन को निर्देश दिया गया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ के दबाव और अचानक पैदा होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखी जाए।

धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा सर्वोपरि, अफवाहों पर भी नजर

मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना के प्रसार पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान छोटी-सी घटना भी बड़े विवाद का रूप ले सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर संवाद, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। इसके लिए प्रशासन को आयोजन से पहले ही सभी संभावित चुनौतियों की पहचान कर उनका समाधान सुनिश्चित करना होगा।

योगी का दो टूक संदेश—लापरवाही मिली तो तय होगी जिम्मेदारी

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था, जनशिकायतों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल आदेश जारी करने तक सीमित नहीं है। योजनाओं और निर्देशों का जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करना होगा। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना, अपराध नियंत्रण में ढिलाई या धार्मिक आयोजनों की तैयारियों में कमी मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह रहते हुए काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—अपराधियों पर सख्ती, आम जनता को त्वरित न्याय और धार्मिक आयोजनों के दौरान हर नागरिक की सुरक्षा।

संदेश साफ है कि उत्तर प्रदेश में अब न तो अपराधियों के लिए ढिलाई की गुंजाइश होगी और न ही सरकारी तंत्र में ‘तारीख पर तारीख’ और खानापूर्ति का दौर चलेगा। आने वाले धार्मिक आयोजनों, खासकर जन्माष्टमी और गणेश प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए प्रशासन को अभी से पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button