Sunday, August 16, 2026
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सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग, हरसिमरत ने अमित शाह को लिखा पत्र; बोलीं—‘इसके पीछे बड़ी साजिश’

“नांदेड़ हमले को लेकर पंजाब की सियासत में हलचल तेज, अकाली दल सांसद ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस जांच पर गंभीर सवाल | दिसंबर 2024 में स्वर्ण मंदिर के बाहर हुए हमले से भी जोड़े तार”

शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अपने पति और पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर 13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूरे मामले की गहराई से जांच कराने का आग्रह किया। हरसिमरत ने अपने पत्र में कहा है कि नांदेड़ की घटना को महज एक सामान्य हमला मानकर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि दिसंबर 2024 में भी सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला हो चुका है।

हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि नांदेड़ में हमलावर ने सुखबीर बादल की छाती पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया कि एक सतर्क सुरक्षा गार्ड ने अपनी जान जोखिम में डालकर हमलावर को रोक दिया, जिसके कारण बड़ा हादसा टल गया। उनके मुताबिक, हमले में सुखबीर बादल के दाहिने हाथ में चोट आई।

‘दोनों हमलों में समानताएं, गहरी जांच जरूरी’

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि 13 अगस्त की घटना कोई अकेली घटना नहीं है। उन्होंने दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब परिसर में सुखबीर बादल पर हुए हमले का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि दोनों घटनाओं में कई ऐसी समानताएं हैं, जो इस बात की जांच की मांग करती हैं कि कहीं दोनों घटनाओं के पीछे कोई आपसी संबंध तो नहीं है।

उन्होंने गृह मंत्री से कहा कि दोनों मामलों की जांच केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हरसिमरत के अनुसार, घटनाओं की गंभीरता और उनके बीच नजर आने वाली समानताओं को देखते हुए किसी केंद्रीय एजेंसी से विस्तृत जांच कराना जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित साजिश का पता लगाया जा सके।

‘पहले हमले की जांच पर भी उठते हैं सवाल’

अकाली दल सांसद ने अपने पत्र में पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिसंबर 2024 में हुए हमले के मामले से निपटने का तरीका संतोषजनक नहीं रहा। हरसिमरत का कहना है कि अगर पहले मामले की जांच और कार्रवाई प्रभावी होती, तो नांदेड़ जैसी दूसरी घटना को लेकर उठ रहे सवाल शायद सामने नहीं आते।

उन्होंने दावा किया कि पहले हमले में शामिल आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल हैं। हरसिमरत ने पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर मामले को दबाने के आरोप लगाए और कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

हमले में इस्तेमाल हथियार का जिक्र

हरसिमरत कौर बादल ने नांदेड़ हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार का भी जिक्र किया। उन्होंने हथियार के विजुअल दिखाते हुए दावा किया कि हमलावर के पास करीब डेढ़ फुट लंबा धारदार हथियार था और उसने सुखबीर बादल की छाती की ओर वार किया था।

हरसिमरत के मुताबिक, हमले के दौरान सुखबीर बादल ने बचाव के लिए अपना हाथ आगे कर दिया। इसके चलते धारदार हथियार उनके हाथ में लगा और उनकी जान बच गई। उन्होंने कहा कि यदि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मी ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो हमले का परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था।

‘इसके पीछे बड़ी साजिश, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई’

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि वह इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं कर सकतीं। उन्होंने मांग की कि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर शामिल व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी, राजनीतिक व्यक्ति या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हरसिमरत ने गृह मंत्री से आग्रह किया कि NIA को मामले की जांच सौंपकर हमले के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाए।

उनका कहना है कि मामला केवल एक व्यक्ति पर हुए हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा व्यवस्था, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।

नांदेड़ के गुरुद्वारे में हुआ था हमला

गौरतलब है कि 13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर हमला किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, निहंग समूह से जुड़े एक व्यक्ति ने उन पर कृपाण से हमला किया। इस हमले में सुखबीर बादल के दाहिने हाथ में चोट लगी थी।

घटना के बाद हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया था। सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के कारण हमलावर को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला। घटना के तुरंत बाद सुखबीर बादल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।

बाद में उन्हें नांदेड़ के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद सर्जरी और आगे के इलाज के लिए उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।

दिसंबर 2024 में भी बाल-बाल बचे थे सुखबीर

सुखबीर सिंह बादल पर इससे पहले दिसंबर 2024 में भी जानलेवा हमला हुआ था। अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब परिसर के प्रवेश द्वार के पास एक व्यक्ति ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के कारण हमलावर का निशाना चूक गया और सुखबीर बादल सुरक्षित बच गए थे।

हरसिमरत कौर बादल अब दोनों घटनाओं को एक साथ रखकर जांच की मांग कर रही हैं। उनका तर्क है कि लगातार दो हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और घटनाओं के पीछे संभावित कारणों की गहन पड़ताल जरूरी हो गई है।

NIA जांच से सामने आएगी सच्चाई?

हरसिमरत कौर बादल की मांग के बाद अब यह मामला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर जहां वह केंद्रीय गृह मंत्रालय से NIA जांच की मांग कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब पुलिस की भूमिका और पहले हमले की जांच को लेकर लगाए गए आरोपों ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल नांदेड़ हमले के आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और मामले की जांच जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार हरसिमरत कौर बादल की NIA जांच की मांग पर क्या फैसला लेती है।

सुखबीर बादल पर हुए दोनों हमलों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हरसिमरत का दावा है कि यदि सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो दोनों में से किसी एक घटना का परिणाम जानलेवा हो सकता था।

अब अकाली दल की ओर से केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच की मांग ने इस पूरे मामले को नया राजनीतिक और सुरक्षा आयाम दे दिया है। हरसिमरत कौर बादल का स्पष्ट कहना है कि हमले के पीछे यदि कोई बड़ी साजिश है, तो उसकी तह तक जाना जरूरी है और इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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