“वंदना त्रिपाठी को सौंपा ज्ञापन, कहा- सेक्टर-132 गोलचक्कर हटाने से नहीं सुलझेगी ट्रैफिक की समस्या”
नोएडा, 12 अगस्त। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और नोएडा प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-132 स्थित गोलचक्कर को हटाकर सड़क चौड़ी करने की प्रस्तावित योजना को लेकर ग्राम विकास संगठन ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय, सेक्टर-96 स्थित जनसुनवाई कक्ष पहुंचकर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने सेक्टर-132 गोलचक्कर को हटाकर नाले पर कलवर्ट निर्माण और यू-टर्न बनाने के लिए प्रस्तावित 10.25 करोड़ रुपये के खर्च को फिजूल बताते हुए इसके स्थान पर सेक्टर-135 के सामने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नया कट बनाने की मांग की है।
इंस्टाग्राम पोस्ट से मिली परियोजना की जानकारी
ग्राम विकास संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि उन्हें नोएडा प्राधिकरण के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 6 अगस्त 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति से जानकारी मिली कि सेक्टर-132 के गोलचक्कर को हटाकर सड़क को चौड़ा किया जाएगा। इसके तहत नाले पर कलवर्ट बनाकर यू-टर्न और एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए अतिरिक्त मार्ग विकसित किया जाएगा, जिस पर लगभग 10.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अशोक चौहान का कहना है कि यह परियोजना वास्तविक समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि इससे सरकारी धन का अनावश्यक व्यय होगा। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम की मूल वजह कहीं और है, जबकि समाधान किसी अन्य स्थान पर खोजा जा रहा है।
आखिर क्यों लगता है सेक्टर-132 गोलचक्कर पर जाम?
ज्ञापन में विस्तार से बताया गया है कि वर्तमान समय में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर वाहनों के प्रवेश के लिए गांव कोंडली स्थित सेक्टर-151 एनपीएक्स पुलिस चौकी के सामने एक कट मौजूद है। इसके बाद दूसरा प्रवेश बिंदु सेक्टर-132 के सामने बनाया गया है।
इन दोनों कटों के बीच बड़ी संख्या में गांव और सेक्टर स्थित हैं। गांव नंगली शाखपुर, नंगली नंगला, नंगली वाजिदपुर, छपरौली, दोस्तपुर मंरौली, दल्लूपुरा, याकूबपुर, मोहियापुर, गुलावली, झट्टा और बादौली सहित कई गांवों के हजारों वाहन प्रतिदिन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
इसके अतिरिक्त सेक्टर-129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, 165, 166, 167 और 168 में बनी हाईराइज सोसाइटियां, कॉर्पोरेट कार्यालय, आईटी कंपनियां, मॉल, स्कूल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बड़ी संख्या में यातायात उत्पन्न करते हैं। यही कारण है कि सुबह और शाम के पीक आवर्स में सेक्टर-129 से लेकर सेक्टर-132 गोलचक्कर तक लंबा जाम लग जाता है।
“गोलचक्कर हटाने से नहीं, नया कट बनाने से मिलेगा समाधान”
अशोक चौहान ने कहा कि यदि वास्तव में ट्रैफिक जाम को कम करना है तो सेक्टर-135 के सामने एक्सप्रेसवे पर वाहनों के प्रवेश के लिए नया कट बनाया जाना चाहिए। उनका दावा है कि यह परियोजना वर्तमान प्रस्तावित 10.25 करोड़ रुपये की लागत से भी कम खर्च में पूरी हो सकती है और इसका लाभ अधिक व्यापक होगा।
उन्होंने कहा कि सेक्टर-135 पर नया कट बनने से ट्रैफिक का दबाव कई हिस्सों में बंट जाएगा। वर्तमान में जो वाहन सेक्टर-132 और सेक्टर-151 के बीच के प्रवेश मार्गों पर निर्भर हैं, उन्हें एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इससे सेक्टर-129 से लेकर गुलशन मॉल तक लगने वाले जाम में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
संगठन ने दिए चार प्रमुख सुझाव
1. सेक्टर-135 पर बनाया जाए नया एक्सप्रेसवे कट
ग्राम विकास संगठन का सबसे महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि सेक्टर-135 के सामने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नया प्रवेश मार्ग विकसित किया जाए। संगठन का मानना है कि यह कदम ट्रैफिक के स्थायी समाधान की दिशा में अधिक प्रभावी साबित होगा।
2. कलवर्ट निर्माण से बढ़ सकती है जलभराव की समस्या
ज्ञापन में कहा गया है कि सेक्टर-132 गोलचक्कर को हटाकर नाले पर कलवर्ट बनाया जाएगा। यदि भविष्य में इसकी नियमित सफाई नहीं हुई तो बरसात के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इससे न केवल यातायात प्रभावित होगा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं पर भी असर पड़ेगा।
3. 10.25 करोड़ खर्च करने के बाद भी रहेगा जाम
संगठन का दावा है कि प्रस्तावित परियोजना पूरी होने के बाद भी सेक्टर-129 से लेकर गुलशन मॉल तक ट्रैफिक जाम की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च करने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
4. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए हो योजना
अशोक चौहान ने कहा कि संबंधित सेक्टरों में लगातार नई हाईराइज सोसाइटियां, व्यावसायिक परिसर और कंपनियां विकसित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है। इसलिए नोएडा प्राधिकरण को अल्पकालिक नहीं बल्कि दीर्घकालिक योजना बनानी चाहिए।
अधिकारियों से पुनर्विचार की मांग
ग्राम विकास संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि सेक्टर-132 गोलचक्कर हटाने की योजना पर पुनर्विचार किया जाए और विशेषज्ञों के साथ व्यापक ट्रैफिक अध्ययन कराया जाए। संगठन का कहना है कि जनता की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही किसी परियोजना को अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि सेक्टर-135 पर नया कट बनाया जाता है तो एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव संतुलित होगा और लाखों लोगों को प्रतिदिन लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
जनता की सुविधा बनाम करोड़ों का खर्च
नोएडा तेजी से विकसित हो रहा शहर है और हर वर्ष यहां वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े हर निर्णय का सीधा असर लाखों लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ता है। ग्राम विकास संगठन का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं बल्कि जनता को वास्तविक राहत देना होना चाहिए।
अब देखना होगा कि नोएडा प्राधिकरण ग्राम विकास संगठन द्वारा उठाए गए सुझावों और आपत्तियों पर कितना गंभीरता से विचार करता है। यदि सेक्टर-135 पर नया कट बनाने का प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है तो यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रैफिक सुधार परियोजना साबित हो सकता है।














