प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर भारत की नाराजगी
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में कथित दमनात्मक कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसमें 40 से अधिक लोगों की मौत होने का दावा है और कई अन्य घायल हुए हैं।
पाकिस्तानी नेताओं के बयानों पर सवाल
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री द्वारा प्रदर्शनकारियों को “दुश्मन” बताया जाना वहां के लोगों के प्रति इस्लामाबाद के रवैये को दर्शाता है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों के हालिया बयानों से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने में उसकी भूमिका एक बार फिर उजागर हुई है।
PoJK पर भारत ने दोहराया अपना रुख
भारत ने PoJK में कराए जा रहे तथाकथित चुनावों को खारिज करते हुए दोहराया कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन क्षेत्रों पर पाकिस्तान का कोई वैध अधिकार नहीं है और भारत का रुख इस मुद्दे पर स्पष्ट तथा अपरिवर्तित है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
रणधीर जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामलों में सही शब्दावली के इस्तेमाल की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की भ्रामक व्याख्या स्वीकार नहीं करेगा।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर स्पष्ट संदेश
विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और आगे भी रहेंगे। भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और भविष्य में भी उसका रुख यही रहेगा।














