Thursday, July 30, 2026
Your Dream Technologies
HomeUttar Pradeshबदायूं से अखिलेश का भाजपा पर तीखा प्रहार: राम मंदिर चढ़ावा, पेपर...

बदायूं से अखिलेश का भाजपा पर तीखा प्रहार: राम मंदिर चढ़ावा, पेपर लीक और बेरोजगारी को बनाया निशाना, बोले— 2027 में होगी सत्ता की विदाई

बदायूं: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को बदायूं में आयोजित एक विशाल जनसभा में भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव का फैसला कर चुकी है और प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए चुनाव को हिंदू-मुस्लिम बहस की ओर ले जाना चाहती है, जबकि प्रदेश की जनता रोजगार, शिक्षा, किसानों और युवाओं के भविष्य को लेकर जवाब मांग रही है।

सभा के दौरान अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, पेपर लीक, बेरोजगारी, गंगा एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता, स्कूलों के बंद होने और इथेनॉल मिश्रित ईंधन जैसे मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और आगामी चुनाव में इसका जवाब भी देगी।

“भाजपा की विदाई तय, जनता बदलाव चाहती है”

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के प्रति जनता का भरोसा लगातार कम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को मिली सफलता से भाजपा घबराई हुई है और इसी कारण आगामी विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनता बदलाव चाहती है और भाजपा की नीतियों से असंतुष्ट है। अखिलेश ने अधिकारियों से भी निष्पक्ष रहकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को संविधान और कानून के अनुसार कार्य करना चाहिए, क्योंकि सत्ता स्थायी नहीं होती और सरकारें बदलती रहती हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र में प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष होनी चाहिए। यदि अधिकारी जनता के साथ न्याय करेंगे तो उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी।

गंगा एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

सभा में अखिलेश यादव ने गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वे जानबूझकर उसी मार्ग से यात्रा करके बदायूं पहुंचे ताकि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति देख सकें।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस एक्सप्रेसवे को सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है, उसका एक हिस्सा बारिश के दौरान बह गया। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता का होता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। अखिलेश ने आशंका जताई कि आगे भी कई हिस्सों में धंसाव और तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि निर्माण कार्य में लापरवाही हुई है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

NEET आंदोलन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का किया जिक्र

अखिलेश यादव ने हाल के छात्र आंदोलनों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर के युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों और अभ्यर्थियों के लगातार दबाव के कारण केंद्र सरकार को अपनी स्थिति बदलनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि जो सरकार पहले जनता की बात सुनने को तैयार नहीं थी, वह अब मजबूर होकर सफाई दे रही है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जनता और छात्रों के दबाव का परिणाम है।

अखिलेश ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। लाखों छात्र वर्षों की मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता न होने के कारण उनका विश्वास टूट रहा है।

“लाठीचार्ज से नहीं दबेगी युवाओं की आवाज”

छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पता है कि उनके ऊपर कार्रवाई किसने की, लेकिन कई बार कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को भी यह नहीं पता होता कि आदेश कहां से आया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना से घबरा रही है और युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है।

अखिलेश ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जागरूक है और वह अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रही है। सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए, न कि उन्हें डराने की कोशिश करनी चाहिए।

रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा

सभा में अखिलेश यादव ने बेरोजगारी को प्रदेश और देश की सबसे बड़ी समस्या बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार सृजन के बजाय आंकड़ों की बाजीगरी में व्यस्त है।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। सरकार के पास युवाओं के सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं है। उन्होंने दावा किया कि हजारों स्कूलों को बंद किया गया और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर समाप्त हुए।

अखिलेश ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर किया जा रहा है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार नहीं मिलेगा तो प्रदेश के विकास की गति भी प्रभावित होगी।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भाजपा पर साधा निशाना

सभा का सबसे चर्चित हिस्सा अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर दिया गया बयान रहा। अखिलेश यादव ने इस मामले को श्रद्धा और आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल की श्रद्धा और विश्वास से जुड़े धन में गड़बड़ी हुई है तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि आस्था के खिलाफ अपराध है। उन्होंने इसे “महापाप” और “महाअपराध” की संज्ञा देते हुए कहा कि दोषियों को कानून और जनता दोनों के सामने जवाब देना होगा।

अखिलेश ने कहा कि अयोध्या का हर व्यक्ति जानता है कि कथित गड़बड़ी में कौन लोग शामिल हैं। भले ही जांच एजेंसियों को जानकारी न हो, लेकिन जनता सब समझती है। उन्होंने कहा कि जनता समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाएगी।

जिलों के नाम बदलने की राजनीति पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री पर परोक्ष हमला करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर काम करने के बजाय प्रतीकात्मक राजनीति में अधिक रुचि ले रही है।

उन्होंने कहा कि संतों और महापुरुषों के नाम पर जिलों या योजनाओं का नामकरण करना अच्छी बात है, लेकिन उनके विचारों और आदर्शों को लागू करना अधिक महत्वपूर्ण है। केवल नाम बदलने से समाज की समस्याओं का समाधान नहीं होता।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए इस प्रकार की राजनीति कर रही है।

इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर भी उठाए सवाल

अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में अखिलेश यादव ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20) के उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि यह ईंधन पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी है तो वाहन निर्माता कंपनियों को इसकी स्पष्ट और खुली गारंटी देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को यह भरोसा होना चाहिए कि इस ईंधन के उपयोग से उनके वाहनों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि यदि कंपनियां स्पष्ट आश्वासन नहीं दे रही हैं तो इसके पीछे किसी प्रकार का दबाव भी हो सकता है।

2027 के चुनावी एजेंडे का संकेत

बदायूं की रैली में अखिलेश यादव का पूरा भाषण इस बात का संकेत देता दिखाई दिया कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा, किसानों की समस्याओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रही है।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण से लेकर युवाओं के आंदोलनों तक, अखिलेश ने भाजपा सरकार को कई मोर्चों पर घेरने का प्रयास किया। वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।

फिलहाल बदायूं की इस रैली ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के चुनावी संघर्ष की शुरुआत अब खुलकर दिखाई देने लगी है और आने वाले महीनों में राजनीतिक बयानबाजी और अधिक तीखी होने की संभावना है।

 

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button