उत्तर प्रदेश के सबसे उम्रदराज समाजवादी पार्टी विधायक आलमबदी आजमी का बुधवार को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने आजमगढ़ स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे आजमी का इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। कुछ दिन पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी। उनका अंतिम संस्कार (सुपुर्द-ए-खाक) बुधवार शाम 4 बजे किया जाएगा।
16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में जन्मे आलमबदी आजमी ने राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वे निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए और 1996 से 2007 तक लगातार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वर्तमान में भी वे इसी सीट से विधायक थे। राजनीति में उनकी पहचान एक सादगीपूर्ण, सहज और जनता के बीच रहने वाले नेता की रही। क्षेत्र की सड़क, शिक्षा, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका मजबूत आधार था। उन्होंने 1953 में गोरखपुर के इस्लामिया कॉलेज से इंटरमीडिएट और 1956 में टेक्निकल इंस्टीट्यूट, गोरखपुर से इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। उनके निधन से समाजवादी पार्टी के साथ-साथ पूर्वांचल की राजनीति को भी अपूरणीय क्षति हुई है। समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित, विनम्र और ईमानदार जनप्रतिनिधि के रूप में याद किया।














