गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित रायफल क्लब सभागार में जिला श्रम बंधु, जनपद स्तरीय बाल श्रम उन्मूलन समिति तथा बाल एवं बंधुआ श्रमिकों के रेस्क्यू, पुनर्वास एवं अनुश्रवण के लिए गठित जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में श्रमिकों के हितों के संरक्षण, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण पर जोर
सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि जनपद में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत अब तक 2,08,878 निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ने के लिए 72 विशेष शिविर आयोजित किए गए तथा विकास खंडों में जागरूकता के लिए वाल पेंटिंग भी कराई गई है।
योजनाओं का समयबद्ध लाभ देने के निर्देश
बैठक में मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना तथा अटल आवासीय विद्यालय योजना की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पात्र श्रमिकों को सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निर्माण एजेंसियों को सख्त हिदायत
डीएम ने सभी निर्माण कार्यदायी संस्थाओं, विभागों और स्थानीय निकायों को अपने निर्माण कार्यों का अधिष्ठान पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने तथा नियमानुसार उपकर की राशि समय पर जमा करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण स्थलों पर कार्यरत सभी पात्र श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।
बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने पर जोर
बाल श्रम उन्मूलन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को बाल श्रमिकों के चिन्हांकन, रेस्क्यू, पुनर्वास और विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाकर जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण, योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष बल दिया। बैठक में सभी खंड विकास अधिकारी, उप निबंधक, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।














