ढाका: बांग्लादेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अंतरिम सरकार के कार्यकाल को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश (TIB) की ताज़ा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच सरकारी सेवाओं के लिए लोगों से करीब 12,633 करोड़ टका की रिश्वत वसूली गई।
रिपोर्ट सामने आने के बाद देश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने संसद में अंतरिम सरकार के पूरे डेढ़ साल के कार्यकाल की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस अवधि में भ्रष्टाचार चरम पर था और इसकी निष्पक्ष जांच भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) से कराई जानी चाहिए।
किन विभागों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार?
TIB के राष्ट्रीय सर्वे में 15,715 परिवारों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक रिश्वतखोरी इन विभागों में सामने आई—
पासपोर्ट कार्यालय
BRTA (परिवहन विभाग)
पुलिस
न्यायपालिका
भूमि विभाग
सर्वे में शामिल 86 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कहा कि बिना रिश्वत दिए सरकारी सेवाएं मिलना बेहद मुश्किल है।
सरकार ने क्या कहा?
हालांकि सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल अंतरिम सरकार के खिलाफ कोई आधिकारिक जांच शुरू करने की योजना नहीं है। वहीं अंतरिम सरकार के पूर्व सलाहकार आसिफ महमूद साजीब भुइयां ने कहा कि यदि आरोप लगे हैं तो उनकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने पिछले कुछ महीनों से ACC को प्रभावी ढंग से काम नहीं करने दिया।
TIB ने क्या दी सलाह?
TIB के कार्यकारी निदेशक डॉ. इफ्तेखारुज्जमान का कहना है कि अंतरिम सरकार भ्रष्टाचार रोकने के लिए पर्याप्त सख्त कदम नहीं उठा सकी। यदि सरकारी अधिकारियों की संपत्ति का सार्वजनिक खुलासा और जवाबदेही सुनिश्चित की जाती, तो हालात बेहतर हो सकते थे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार की यह समस्या केवल अंतरिम सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्षों से चली आ रही व्यवस्था का हिस्सा रही है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल पूरा मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। एक ओर सरकार जांच की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष और पूर्व सलाहकार निष्पक्ष जांच पर जोर दे रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ACC इस मामले में औपचारिक जांच शुरू करेगा या यह विवाद केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा।














