“72 घंटे में बदली तीन देशों की राजनीति, क्या ट्रंप के लिए खुला नया मौका?”
वॉशिंगटन/लंदन/लीमा/बोगोटा: पिछले 72 घंटों में दुनिया के तीन महत्वपूर्ण देशों—ब्रिटेन, पेरू और कोलंबिया—की राजनीति में ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए कूटनीतिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इन बदलावों में ट्रंप प्रशासन की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही, लेकिन इन घटनाओं का असर अमेरिकी विदेश नीति और क्षेत्रीय समीकरणों पर पड़ सकता है।
ब्रिटेन में राजनीतिक संकट, स्टार्मर ने छोड़ा पद
ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर तब हुआ जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और नेतृत्व को लेकर उठे सवालों के बाद स्टार्मर पर दबाव बढ़ता गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान संकट के दौरान अमेरिका के साथ खुलकर न खड़े होने और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर वॉशिंगटन से अलग रुख अपनाने के कारण स्टार्मर और ट्रंप प्रशासन के बीच संबंधों में दूरी आ गई थी।
कोलंबिया में सत्ता समीकरण बदलने के संकेत
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में चुनावी तस्वीर तेजी से बदल रही है। शुरुआती रुझानों में ट्रंप समर्थक माने जाने वाले उम्मीदवार को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।
कोलंबिया लंबे समय से अमेरिका की लैटिन अमेरिका नीति का अहम केंद्र रहा है। ऐसे में वहां की नई राजनीतिक दिशा वॉशिंगटन के लिए रणनीतिक महत्व रख सकती है।
पेरू में वामपंथ को झटका
पेरू के चुनाव में दक्षिणपंथी और कंजरवेटिव खेमे को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से प्रभाव बनाए हुए वामपंथी दलों को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।
विश्लेषकों का कहना है कि यह परिणाम पूरे लैटिन अमेरिका में वैचारिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जहां पिछले कुछ वर्षों में वामपंथी सरकारों का प्रभाव बढ़ा था।
ट्रंप के लिए क्यों अहम हैं ये घटनाएं?
ब्रिटेन, कोलंबिया और पेरू में हुए ये राजनीतिक बदलाव ऐसे समय सामने आए हैं जब अमेरिका अपनी वैश्विक रणनीति को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन
कोलंबिया में संभावित सत्ता बदलाव
पेरू में कंजरवेटिव ताकतों की वापसी
इन तीनों घटनाओं को मिलाकर देखा जाए तो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ट्रंप के लिए अनुकूल माहौल बनता दिखाई दे रहा है। हालांकि इन घटनाओं का वास्तविक प्रभाव आने वाले महीनों में ही स्पष्ट होगा।
72 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग देशों में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों ने वैश्विक राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इन बदलावों को ट्रंप के विरोधियों की कमजोरी और उनके समर्थकों की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन अंतिम राजनीतिक परिणाम अभी सामने आना बाकी है।














