नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि अब महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और महिला स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रुपये तक का कोलैटरल-फ्री लोन उपलब्ध कराया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस लोन के लिए किसी प्रकार की संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि इसकी गारंटी स्वयं दिल्ली सरकार लेगी।
यह घोषणा शनिवार शाम उत्तर पश्चिम दिल्ली के रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास स्थित Unity One Mall में आयोजित दो दिवसीय मेगा सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) मेला-2026 के उद्घाटन समारोह के दौरान की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, बैंक प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल महिलाओं को रोजगार देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज की महिला केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने हुनर, मेहनत और नवाचार से देश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रही है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें वित्तीय सहायता, बाजार और पहचान तीनों उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि राजधानी की हजारों महिलाएं घरेलू उद्योग, हस्तशिल्प, सिलाई, कढ़ाई, फूड प्रोसेसिंग, खादी, क्रोशिया और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं। लेकिन कई बार पूंजी और बाजार की कमी उनके सपनों को रोक देती है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने यह नई ऋण व्यवस्था तैयार की है।
सरकार खुद लेगी लोन की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाई गई है जो प्रतिभाशाली हैं लेकिन बैंक गारंटी या गिरवी न होने के कारण बड़े स्तर पर व्यवसाय शुरू नहीं कर पातीं। अब दिल्ली सरकार स्वयं इन ऋणों की गारंटी लेगी ताकि बैंक बिना किसी हिचकिचाहट के महिलाओं को वित्तीय सहायता दे सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली की हर महिला किसी न किसी स्वयं सहायता समूह से जुड़े और अपना खुद का उत्पाद तैयार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। इसके लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भी इस मेले से जोड़ा गया ताकि महिलाओं की बैंकिंग पहुंच मजबूत हो सके।
मॉल और बड़े कॉम्प्लेक्स में मिलेगा ‘स्वदेशी’ को मंच
रेखा गुप्ता ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब दिल्ली सरकार मॉल्स और बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों की नियमित प्रदर्शनी और बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराएगी। इससे महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अक्सर लोग विदेशी ब्रांडों की ओर आकर्षित होते हैं, जबकि भारत में बने हस्तनिर्मित उत्पाद गुणवत्ता और कला के मामले में किसी से कम नहीं हैं। जरूरत केवल बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग की है। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है ताकि दिल्ली की महिलाएं अपने हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा सकें।
‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार “वोकल फॉर लोकल”, “आत्मनिर्भर भारत” और “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट” का विजन देश के सामने रख रहे हैं। दिल्ली सरकार उसी सोच को जमीन पर उतारने का काम कर रही है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे विदेशी वस्तुओं की बजाय भारतीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। इससे न केवल स्थानीय उद्योग मजबूत होंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन पर भी जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के ईंधन बचत अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार “मंडे मेट्रो” और “नो व्हीकल डे” जैसे अभियानों को बढ़ावा दे रही है ताकि लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और ईंधन की बचत हो।
उन्होंने कहा कि यदि देश का हर नागरिक अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे बदलाव करे, तो उसका बड़ा असर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा।
आज उत्तर पश्चिम दिल्ली में आयोजित मेगा सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) मेला-2026 का उद्घाटन किया।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में आज स्वयं सहायता समूह केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं रहे हैं, अपितु वे बड़े सामाजिक बदलाव का आधार भी बन चुके हैं। जब महिलाओं… pic.twitter.com/jDGXVWbAEx
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 16, 2026
24 स्वयं सहायता समूहों ने दिखाया हुनर
इस दो दिवसीय मेगा मेले में लगभग 24 स्वयं सहायता समूहों ने हिस्सा लिया। मेले में हस्तशिल्प, खादी, घरेलू उत्पाद, खाद्य सामग्री, क्रोशिया कार्य और विभिन्न हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। उत्तर पश्चिम जिले के “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट” के तहत हस्तशिल्प को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।
मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े जिला प्रशासन, महिला समूहों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधायक कुलवंत राणा, उत्तर पश्चिम दिल्ली की डीएम सौम्या सौरभ, विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं।














