Tuesday, April 28, 2026
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बंगाल में ‘UP के सिंघम’ अजय पाल शर्मा पर शिकायत दर्ज, रात में घरों में घुसकर महिलाओं से बदसलूकी और धमकाने के आरोप; चुनावी बवाल और गहरा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच यूपी कैडर के चर्चित IPS अधिकारी और चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा अब गंभीर कानूनी और राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। दक्षिण 24 परगना के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में एक महिला की शिकायत पर अजय पाल शर्मा और उनके साथ पहुंचे केंद्रीय बलों के खिलाफ बंगाल पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि 27 अप्रैल की रात भारी सुरक्षा बलों के साथ पहुंचे अजय पाल शर्मा बिना वारंट स्थानीय लोगों के घरों में घुस गए, महिलाओं के साथ बदसलूकी की, उन्हें धमकाया और एक खास राजनीतिक दल के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाया।

इस शिकायत ने बंगाल चुनाव में पहले से चल रहे अजय पाल बनाम TMC विवाद को अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़ाकर कानूनी लड़ाई में बदल दिया है।


क्या हुआ फाल्टा में? महिला ने लगाए सनसनीखेज आरोप

शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि देर रात केंद्रीय बलों और पुलिस टीम ने अचानक इलाके में दबिश दी और कई घरों के दरवाजे खुलवाकर परिवारों को बाहर निकाला। महिला ने कहा कि इस दौरान पुरुषों के साथ-साथ घर की महिलाओं को भी अपमानित किया गया, डराया गया और कहा गया कि अगर “गलत पक्ष” में मतदान किया तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में साफ तौर पर मांग की है कि:

अजय पाल शर्मा की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो,

दोषी केंद्रीय बल कर्मियों पर कार्रवाई हो,

और चुनाव से पहले आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

यानी मामला सिर्फ दुर्व्यवहार का नहीं, बल्कि मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश के आरोप तक पहुंच गया है।


फाल्टा क्यों बना विस्फोटक? यहां TMC के जहांगीर खान मैदान में हैं

फाल्टा दक्षिण 24 परगना का संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र है, जहां तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार Jahangir Khan चुनाव लड़ रहे हैं। यही वह सीट है जहां कुछ दिन पहले अजय पाल शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह लोगों के बीच खड़े होकर जहांगीर खान का नाम लेते हुए सख्त चेतावनी देते दिखाई दिए थे—“अगर गड़बड़ी हुई तो अच्छे से खबर लेंगे।”

उस वीडियो के बाद TMC ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग ने ऑब्जर्वर के नाम पर BJP-समर्थक दमनकारी अफसर भेजे हैं। अब महिलाओं की शिकायत सामने आने के बाद TMC को राजनीतिक हमला और तेज करने का मौका मिल गया है।


अजय पाल शर्मा पर हाईकोर्ट में भी चुनौती, लेकिन फिलहाल राहत

मामला यहीं नहीं रुका। अजय पाल शर्मा के व्यवहार और वायरल वीडियो को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया कि उनका सार्वजनिक तौर पर धमकी भरा लहजा मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है और एक ऑब्जर्वर को इस तरह पक्षपातपूर्ण भाषा नहीं बोलनी चाहिए।

हालांकि हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि 29 अप्रैल के मतदान से पहले न्यायिक दखल उचित नहीं होगा।

इसका मतलब यह नहीं कि आरोप खत्म हो गए—बल्कि कोर्ट ने फिलहाल चुनाव प्रक्रिया को देखते हुए इंतजार का रास्ता चुना है।


TMC ने खोला मोर्चा, अजय पाल के पुराने विवाद भी निकाले

तृणमूल कांग्रेस ने अजय पाल शर्मा की नियुक्ति के बाद से ही उन पर सीधा हमला बोल रखा है। TMC नेताओं का आरोप है कि यूपी में उनका रिकॉर्ड विवादों से भरा है और उन्हें जानबूझकर ऐसे जिले में भेजा गया जहां BJP को प्रशासनिक दबाव की जरूरत थी।

TMC सांसद Mahua Moitra ने भी सोशल मीडिया पर अजय पाल शर्मा का पुराना वीडियो पोस्ट कर उनका मजाक उड़ाया, जबकि पार्टी प्रवक्ता Shantanu Sen ने उन पर रिश्वत, पोस्टिंग घोटाले और निजी आचरण से जुड़े आरोपों को फिर से उठाया।

यानी TMC अब केवल उनकी चुनावी कार्रवाई नहीं, बल्कि उनकी credibility को ही निशाने पर ले आई है।


चुनाव आयोग पर भी उठे सवाल — ऑब्जर्वर या डराने वाला अधिकारी?

सबसे बड़ा सवाल अब चुनाव आयोग की भूमिका पर खड़ा हो गया है।

एक पुलिस ऑब्जर्वर का काम होता है:

संवेदनशील इलाकों की निगरानी,

निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना,

और शिकायतों पर प्रशासनिक निर्देश देना।

लेकिन अगर वही ऑब्जर्वर:

रात में घरों में दबिश दे,

महिलाओं से बदसलूकी के आरोप झेले,

सार्वजनिक धमकी वाले वीडियो में दिखे,

और किसी उम्मीदवार का नाम लेकर चेतावनी दे—

तो विपक्ष इसे निष्पक्ष निगरानी नहीं बल्कि targeted intimidation क्यों न कहे?

यही कारण है कि अब यह विवाद सीधे चुनाव आयोग की impartiality तक पहुंच गया है।


बंगाल चुनाव का सबसे बड़ा प्रशासनिक विवाद बनता अजय पाल मामला

अजय पाल शर्मा की तैनाती के बाद से:

पहले वायरल धमकी वीडियो,

फिर TMC-SP का राजनीतिक हमला,

फिर हाईकोर्ट याचिका,

और अब महिलाओं की शिकायत।

इन घटनाओं ने उन्हें बंगाल चुनाव के सबसे विवादित चुनाव ऑब्जर्वर में बदल दिया है।

अगर चुनाव आयोग ने जल्दी स्थिति साफ नहीं की तो यह मुद्दा मतदान की निष्पक्षता पर राष्ट्रीय बहस बन सकता है।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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