पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले दक्षिण 24 परगना की फाल्टा सीट अचानक पूरे देश की सियासत का केंद्र बन गई है। वजह है एक वायरल वीडियो, जिसमें उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा केंद्रीय बलों के साथ तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के घर पहुंचते हैं और बेहद सख्त लहजे में कहते सुनाई देते हैं—“अच्छी तरह समझ लो, अगर किसी ने बदमाशी की तो कायदे से इलाज किया जाएगा… बाद में रोना मत।” यह वीडियो सामने आते ही बंगाल की चुनावी जंग अब सीधे प्रशासन बनाम TMC की लड़ाई में बदल गई है।
चुनाव आयोग ने यूपी के तथाकथित ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और सख्त छवि वाले IPS अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना का पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर भेजा था, लेकिन ड्यूटी संभालने के कुछ घंटों के भीतर ही उनका यह एक्शन वीडियो राजनीतिक विस्फोट बन गया। बीजेपी इसे निष्पक्ष चुनाव की कार्रवाई बता रही है, जबकि TMC इसे मतदाताओं को डराने का संगठित प्रयास कह रही है।
Do you know who Jahangir Khan is? He is the right-hand man of Bhaipo, who rigs elections for him, and in return runs a syndicate involved in arms and ammunition, land grabbing, smuggling, trafficking, killing people, and settling Bangladeshis — all while giving Bhaipo his share… pic.twitter.com/6xps7jpnAp
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) April 27, 2026
आखिर कौन है जहांगीर खान? फाल्टा सीट का सबसे चर्चित और विवादित चेहरा
जहांगीर खान दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। आधिकारिक चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी उम्र 41 वर्ष है, उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है और उनके पास करीब 2.1 करोड़ रुपये की संपत्ति है। दस्तावेजों में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं दिखता।
लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनकी पहचान सिर्फ एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि फाल्टा इलाके के बेहद प्रभावशाली स्थानीय शक्ति केंद्र के तौर पर की जाती है। बीजेपी लगातार दावा कर रही है कि जहांगीर खान TMC सांसद Abhishek Banerjee के बेहद करीबी हैं और क्षेत्र में चुनावी मैनेजमेंट से लेकर जमीन, सिंडिकेट और दबदबे की राजनीति तक में उनकी बड़ी भूमिका रही है।
बीजेपी ने सोशल मीडिया पर उन्हें “भाईपो का दाहिना हाथ” बताते हुए आरोप लगाया कि फाल्टा में वोटरों को प्रभावित करने, विरोधियों को दबाने और बूथों पर पकड़ बनाए रखने में जहांगीर का नेटवर्क काम करता है। हालांकि TMC ने इन आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक प्रोपेगेंडा बताया है।
अजय पाल शर्मा सीधे घर क्यों पहुंचे? क्या मिली थी वोटरों को धमकाने की शिकायत?
रिपोर्ट्स के मुताबिक दक्षिण 24 परगना के कई संवेदनशील इलाकों से चुनाव आयोग की टीम को शिकायत मिली थी कि कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोग मतदाताओं और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रहे हैं। इसी शिकायत के बाद अजय पाल शर्मा केंद्रीय सशस्त्र बलों के साथ जहांगीर खान के आवास और पार्टी दफ्तर के आसपास पहुंचे।
वायरल वीडियो में वह साफ कहते सुनाई देते हैं कि उन्हें लगातार खबरें मिल रही हैं कि “उनके लोग धमकियां दे रहे हैं” और अगर यह जारी रहा तो “कड़ी कार्रवाई” होगी। यह दृश्य इतना असामान्य था कि कुछ ही घंटों में पूरे बंगाल में चर्चा का विषय बन गया।
यानी यह सिर्फ एक रूटीन विजिट नहीं थी—यह चुनावी कानून-व्यवस्था पर सीधा सार्वजनिक संदेश था।
Ajay Pal Sharma, the encounter specialist and Singham of UP police, is deployed as police observer of South 24 Parganas. He just read the riot act to Bhaipo’s henchman Jehangir Khan’s family members.
Nobody can stop this election from being the most free and fair election in 50… pic.twitter.com/p3WOLLXL6d
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) April 27, 2026
कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा? यूपी के ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ की बंगाल में एंट्री
अजय पाल Sharma उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं और फिलहाल प्रयागराज में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (Law & Order) के पद पर तैनात हैं। यूपी पुलिस में उन्हें सख्त कार्रवाई, तेज दबिश और अपराधियों के खिलाफ आक्रामक रवैये के कारण “UP का सिंघम” और “एनकाउंटर स्पेशलिस्ट” कहा जाता है। कई रिपोर्ट्स में उनके नाम से 100 से ज्यादा एनकाउंटर अभियानों का जिक्र किया गया है।
चुनाव आयोग ने उन्हें ऐसे जिले में भेजा है जिसे TMC का मजबूत गढ़ माना जाता है और जहां निष्पक्ष मतदान को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसलिए उनकी तैनाती अपने आप में पहले से राजनीतिक संदेश मानी जा रही थी।
TMC भड़की, अखिलेश यादव भी कूदे; BJP ने कहा—अब नहीं चलेगी गुंडागर्दी
वीडियो सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस ने इसे “बाहरी अफसरों के जरिए बंगाल के मतदाताओं को डराने” की कोशिश बताया। TMC नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष अधिकारी नहीं बल्कि डर पैदा करने वाला चेहरा भेजा है। बाद में महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं ने अजय पाल शर्मा पर व्यक्तिगत हमले भी तेज कर दिए।
Akhilesh Yadav ने भी इस मामले में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “ऑब्जर्वर के नाम पर एजेंट भेजे गए हैं”, जबकि बीजेपी ने अजय पाल शर्मा का खुलकर बचाव किया और कहा कि इस बार बंगाल में 50 साल का सबसे निष्पक्ष चुनाव होगा, कोई गुंडागर्दी नहीं चलेगी।
प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी!
सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जाँच होगी और बेहद सख़्त… pic.twitter.com/MlQuCiSn3p
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 27, 2026
अब असली सवाल—क्या जहांगीर खान बंगाल चुनाव का नया फ्लैशपॉइंट बन गए हैं?
फाल्टा सीट पर जहांगीर खान पहले ही एक प्रभावशाली उम्मीदवार माने जा रहे थे, लेकिन अब उनका नाम पूरे बंगाल चुनाव के सबसे विवादित चेहरों में शामिल हो गया है।
एक तरफ:
TMC कह रही है उन्हें टारगेट किया जा रहा है,
दूसरी तरफ BJP कह रही है उन्हीं के नेटवर्क से वोटरों को धमकाया जा रहा था,
और बीच में चुनाव आयोग का ऑब्जर्वर खुलेआम चेतावनी देता दिख रहा है।
इसका मतलब साफ है—फाल्टा अब सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं रही, बल्कि बंगाल चुनाव में “फ्री एंड फेयर पोल” बनाम “प्रशासनिक दबाव” की सबसे बड़ी टेस्ट केस बन गई है।














