राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित HPCL रिफाइनरी में उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले भीषण आग लग गई, जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को प्रस्तावित दौरा और उद्घाटन समारोह स्थगित कर दिया गया है। यह घटना पश्चिमी राजस्थान की बहुचर्चित औद्योगिक परियोजना के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
उद्घाटन से पहले ही बड़ा हादसा
21 अप्रैल को प्रधानमंत्री द्वारा रिफाइनरी के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। लेकिन अचानक लगी आग ने पूरे कार्यक्रम को रोक दिया। आग रिफाइनरी के महत्वपूर्ण यूनिटों में लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
दमकल की कई गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
राजनीतिक विवादों और देरी का लंबा इतिहास
पचपदरा रिफाइनरी परियोजना लंबे समय से विवादों, स्थान परिवर्तन और देरी के कारण चर्चा में रही है।
शुरुआत में यह परियोजना बाड़मेर जिले के लीलाणा गांव में प्रस्तावित थी।
तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार में इसका शिलान्यास हुआ था, लेकिन राजनीतिक विरोध के कारण इसे पचपदरा स्थानांतरित करना पड़ा।
2013 में सोनिया गांधी ने पचपदरा में इसका शिलान्यास किया।
इसके बाद 2013–14 में सरकार बदलने के साथ परियोजना धीमी पड़ गई और लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रही।
2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोबारा इसका शिलान्यास किया, लेकिन फिर सत्ता परिवर्तन के कारण काम प्रभावित होता रहा।
लागत में भारी बढ़ोतरी
परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹43,000 करोड़ थी, जो देरी और तकनीकी कारणों से बढ़कर करीब ₹72,000 करोड़ तक पहुंच गई।
यह परियोजना HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें HPCL की 76% और राज्य सरकार की 24% हिस्सेदारी है।
आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल रिफाइनरी
पचपदरा रिफाइनरी को लगभग 450 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है और इसकी क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है।
इसकी खासियतें:
ग्रीन टेक्नोलॉजी आधारित रिफाइनरी
जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्रणाली
पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की सुविधा
कम प्रदूषण और पानी का पुनः उपयोग
क्रूड ऑयल की आपूर्ति व्यवस्था
रिफाइनरी में कच्चा तेल बाड़मेर के मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल और गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से पाइपलाइन के जरिए लाया जाएगा। इसके लिए सैकड़ों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है।
फिर अनिश्चित हुआ भविष्य
उद्घाटन से पहले ही आग लगने की इस घटना ने एक बार फिर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अनिश्चितता में डाल दिया है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।














