नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए उग्र श्रमिक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच अब इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की दो प्रवक्ताओं—प्रियंका भारती और कंचना यादव—के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और भ्रामक जानकारी फैलाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश रचने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों प्रवक्ताओं ने एक अन्य स्थान का वीडियो नोएडा का बताकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे लोगों में भ्रम और आक्रोश फैल गया। आरोप है कि इस भ्रामक नैरेटिव के जरिए माहौल को भड़काने और पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
हिंसा के बाद पुलिस की सख्त कार्रवाई
वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए थे। पुलिस द्वारा समझाने और रोकने की कोशिश के दौरान झड़प हो गई, जो जल्द ही हिंसक प्रदर्शन में बदल गई। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर पथराव किया, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इस पूरे मामले में अब तक 7 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
अफवाहों से बिगड़ा माहौल
नोएडा पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई गलत सूचनाओं ने हालात को और बिगाड़ने का काम किया। फर्जी वीडियो के कारण विभिन्न इलाकों में डर और अविश्वास का माहौल पैदा हुआ, जिससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस इसे एक सुनियोजित साजिश के तौर पर देख रही है।
इन धाराओं में केस दर्ज
दोनों RJD प्रवक्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(b) के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस 7 व्हाट्सएप ग्रुप और 25 संदिग्ध सोशल मीडिया बॉट्स की भी जांच कर रही है, जिनके जरिए कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री प्रसारित की गई।
उच्च स्तरीय जांच और सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। साथ ही, संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों में PAC और RAF की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा को रोका जा सके।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














