नोएडा: गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने 13 अप्रैल 2026 को श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान फायरिंग और बड़ी जनहानि की सोशल मीडिया पर फैली खबरों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों पर किसी भी स्थान पर गोलीबारी नहीं की गई, और 14 लोगों की मौत तथा 32 घायलों की खबरें पूरी तरह गलत हैं।
पुलिस के अनुसार, नोएडा के होजरी कॉम्प्लेक्स (फेज-2) और सेक्टर-60 सहित कई स्थानों पर श्रमिकों के प्रदर्शन हुए थे। इनमें से केवल एक स्थान पर स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बनी, जिसे पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग, जैसे आंसू गैस, के माध्यम से नियंत्रित कर लिया। प्रशासन ने बताया कि हालात अब सामान्य होने की ओर हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह पुलिस की निगरानी में है।
श्रमिकों द्वारा अन्य राज्य से दुष्प्रेरित होकर नोएडा में कई जगह प्रदर्शन किया गया है, मात्र एक जगह हिंसक प्रदर्शन होने पर पुलिस द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग कर स्थितियां नियंत्रित की गई हैं। पुलिस द्वारा कहीं भी फायरिंग नही की गयी है। असत्य एवं भ्रामक सूचना फैलाए जाने… pic.twitter.com/btP6dezAHG
— UP POLICE (@Uppolice) April 13, 2026
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस प्रदर्शन को राज्य के बाहर के कुछ तत्वों द्वारा उकसाए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाकर जनता को भड़काने की कोशिश की गई। इसी सिलसिले में दो ट्विटर हैंडलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर, अफवाह या भ्रामक पोस्ट पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई हिंसा और गोलीबारी की बातें तथ्यहीन हैं और ऐसे दावों को साझा करने से बचना चाहिए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














