उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई को गलत ठहराते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान युद्ध या लक्षित हमलों से नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से निकाला जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी देश के शीर्ष नेता की हत्या को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई को सही माना जाए, तो क्या फिर रूस द्वारा यूक्रेन के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई को भी वैध ठहराया जाएगा? उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में भारत भी इसी तरह का कदम उठाए, तो क्या उसे भी जायज कहा जाएगा? मुख्यमंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।
छात्रों की सुरक्षा पर सरकार सतर्क
मुख्यमंत्री ने विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों, विशेषकर मेडिकल विद्यार्थियों, की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लगातार छात्रों और उनके परिजनों के संपर्क में है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और केंद्र सरकार को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि परिजनों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है कि जरूरत पड़ने पर छात्रों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
कश्मीर में शांति, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी
घाटी की मौजूदा स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और सेना की तैनाती की गई है। फिलहाल प्रदेश के सभी शहरों में शांति बनी हुई है और किसी भी प्रकार की हिंसा की सूचना नहीं है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि कश्मीर में अमन-चैन कायम रहे।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर भी दी प्रतिक्रिया
पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उनका कहना था कि युद्ध किसी के लिए भी अच्छा नहीं होता। इससे केवल विनाश और आम जनता को कष्ट मिलता है। दोनों देशों को संवाद और कूटनीति के जरिए अपने मतभेद सुलझाने चाहिए।
मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि चाहे अंतरराष्ट्रीय स्तर का विवाद हो या क्षेत्रीय तनाव—स्थायी समाधान केवल बातचीत से ही संभव है, न कि सैन्य कार्रवाई से।














