Saturday, January 31, 2026
Your Dream Technologies
HomeBusinessसमंदर से बदलेगा भारत का भाग्य: विझिंजम पोर्ट पर अडानी का ₹16,000...

समंदर से बदलेगा भारत का भाग्य: विझिंजम पोर्ट पर अडानी का ₹16,000 करोड़ का महादांव, चीन के दबदबे को सीधी चुनौती

भारत वैश्विक समुद्री व्यापार के मंच पर अब केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। सदियों से व्यापार की धुरी रहे भारतीय तटों पर इतिहास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। देश की अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ने केरल के विझिंजम डीप-सी पोर्ट को विश्वस्तरीय ताकत में बदलने के लिए अपने दूसरे चरण के विस्तार की घोषणा कर दी है।

इस चरण में ₹16,000 करोड़ का विशाल निवेश किया जाएगा, जो न सिर्फ भारत की समुद्री व्यापार क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा, बल्कि एशिया में चीन के प्रभावशाली बंदरगाह नेटवर्क को भी कड़ी चुनौती देगा।


₹16,000 करोड़ का विज़न: भारत का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट हब

अडानी समूह का लक्ष्य बिल्कुल साफ है—विझिंजम को भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक ट्रांसशिपमेंट हब बनाना। ट्रांसशिपमेंट हब वे बंदरगाह होते हैं जहां विशाल मदर शिप्स से कंटेनर उतारकर उन्हें छोटे जहाजों के ज़रिये अलग-अलग देशों तक भेजा जाता है।

अब तक भारत को इस काम के लिए कोलंबो, सिंगापुर और दुबई जैसे विदेशी पोर्ट्स पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन फेज-2 के पूरा होते ही यह निर्भरता लगभग खत्म हो जाएगी। इस विस्तार के बाद विझिंजम पोर्ट की क्षमता में 41 लाख TEU (Twenty-foot Equivalent Unit) की ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी।


जहाँ इंसान नहीं, मशीनें संभालेंगी कमान

विझिंजम पोर्ट पहले से ही अत्याधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है, लेकिन दूसरा चरण इसे भविष्य का बंदरगाह बना देगा।
यहाँ पूरी तरह से ‘फुली ऑटोमेटेड’ सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे संचालन तेज़, सटीक और सुरक्षित होगा।

21 अत्याधुनिक शिप-टू-शोर (STS) ऑटोमैटिक क्रेन

45 रेल-माउंटेड गैन्ट्री क्रेन (CRMG)

हाई-स्पीड रेल हैंडलिंग यार्ड

इन मशीनों के ज़रिये भारी कंटेनरों की लोडिंग-अनलोडिंग बिना मानवीय हस्तक्षेप के होगी, जिससे गलती की संभावना लगभग शून्य रह जाएगी।


ग्रीन पोर्ट, क्लीन फ्यूचर

पर्यावरण संरक्षण को इस परियोजना की रीढ़ बनाया गया है।
विझिंजम पोर्ट को ‘ग्रीन पोर्ट’ मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें—

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन

इको-फ्रेंडली उपकरणों का उपयोग

अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन

शामिल होंगे। यह बंदरगाह विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की मिसाल बनेगा।


समंदर के बीच इंजीनियरिंग का चमत्कार

फेज-2 में समुद्र के बीच खड़ा होगा भारत का सबसे मजबूत समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर।
यहाँ बनाया जाएगा—

920 मीटर लंबा

21 मीटर गहरा

भारत का सबसे गहरा ब्रेकवाटर

यह ब्रेकवाटर समुद्र की ऊँची लहरों को रोककर पोर्ट को सुरक्षित बनाएगा, जिससे दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाज भी बिना किसी बाधा के यहां लंगर डाल सकेंगे।


अभेद्य सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय मानक

सुरक्षा के मोर्चे पर भी कोई समझौता नहीं होगा। पोर्ट को ISPS (International Ship and Port Facility Security) मानकों के तहत एक मजबूत सुरक्षा घेरे में विकसित किया जाएगा, जिससे यह वैश्विक व्यापार के लिए पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बने।

विझिंजम पोर्ट का यह विस्तार सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भारत की समुद्री रणनीति का गेम-चेंजर है।
यह परियोजना भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स मैप पर नई ऊँचाई देगी, विदेशी पोर्ट्स पर निर्भरता घटाएगी और एशिया में शक्ति संतुलन को नए सिरे से परिभाषित करेगी।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button