गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज), गाजीपुर में छात्रवृत्ति के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर कथित अवैध वसूली के खिलाफ छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत हुई। पहले दिन 270 छात्र-छात्राओं ने बैनर पर हस्ताक्षर कर विरोध दर्ज कराया। छात्रों ने इस मामले में महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों का आरोप है कि पिछले सत्र में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर 40 रुपये तथा वर्तमान सत्र में 70 से 100 रुपये तक बिना रसीद वसूले जा रहे हैं। उनका कहना है कि एडेड कॉलेज होने के बावजूद लगातार दो वर्षों से विद्यार्थियों से धनराशि ली जा रही है। इस वर्ष महाविद्यालय के बाहर एक निजी दुकान से बायोमेट्रिक का कार्य कराया जा रहा है, जिससे एक व्यक्ति विशेष को आर्थिक लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि छात्रवृत्ति विद्यार्थियों का अधिकार है, किसी की कमाई का माध्यम नहीं। बिना रसीद धनराशि वसूलना गंभीर मामला है। पूर्व छात्रसंघ महामंत्री सुधांशु तिवारी ने कहा कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था महाविद्यालय परिसर में निःशुल्क होनी चाहिए। छात्र नेता प्रद्युम्न सिंह यादव ने पूरे प्रकरण में प्रबंध तंत्र की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
छात्रों ने मांग की कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया कॉलेज परिसर में निःशुल्क और पारदर्शी तरीके से संचालित हो। अब तक वसूली गई धनराशि वापस कराई जाए तथा रसीद मांगने पर छात्रों को कथित रूप से धमकाने और उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही प्राचार्य, प्रबंध तंत्र और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
हस्ताक्षर अभियान पांच नवंबर को भी सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर जारी रहेगा। अभियान में आकाश चौधरी, निलेश बिन्द, विकास यादव, अभिषेक, शशांक उपाध्याय, शिवम, रिशु, सुप्रिया, निशा, मनीषा, सुमन, प्रीती, शिखा, ब्यूटी, गुड़िया, रविकांत यादव, अंकित यादव, आदित्य जायसवाल, सतीश चौधरी, मोहित यादव, मनोज राजभर, पुष्कर राजपूत, प्रशांत सिंह, शहजाद अली और दिवाकर पांडेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।















