अमेरिका के फीनिक्स एयरस्पेस में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अमेरिकन एयरलाइंस के दो Boeing 737-800 विमान एक ही समय पर एक ही कॉल साइन ‘American 2482’ के साथ उड़ रहे थे। दोनों विमानों में कुल 295 यात्री सवार थे। अगर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने समय रहते स्थिति नहीं संभाली होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
एक ही पहचान, दो विमान… कैसे हुआ कन्फ्यूजन?
घटना 14 अगस्त की आधी रात के बाद फीनिक्स एयरस्पेस की है। एक विमान शिकागो से फीनिक्स पहुंच रहा था, जबकि दूसरा विमान फीनिक्स से शिकागो के लिए उड़ान भर चुका था।
दोनों विमानों का फ्लाइट नंबर और रेडियो कॉल साइन एक ही था—AA 2482 / American 2482।
यही स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक थी, क्योंकि एयर ट्रैफिक कंट्रोल से रेडियो पर दिए गए निर्देश को लेकर भ्रम पैदा हो सकता था।
मौसम बना पूरी गड़बड़ी की वजह
मामले की शुरुआत खराब मौसम और उड़ान में हुई देरी से हुई। शिकागो से फीनिक्स आने वाली उड़ान देर से चल रही थी। इस बीच एयरलाइन ने फीनिक्स में मौजूद दूसरे विमान को शिकागो के लिए रवाना कर दिया।
आम तौर पर एक विमान फीनिक्स पहुंचने के बाद उसी फ्लाइट नंबर के साथ वापस शिकागो जाता है। लेकिन इस बार देरी के कारण दोनों विमान कुछ समय के लिए एक साथ हवा में मौजूद हो गए।
यानी समस्या सिर्फ एक ही फ्लाइट नंबर की नहीं थी, बल्कि दोनों विमानों का एक जैसा रेडियो कॉल साइन इस्तेमाल करना था।
दोनों विमान एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए
स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब फीनिक्स पहुंच रहा विमान करीब 11,000 फीट से नीचे उतर रहा था, जबकि दूसरा विमान करीब 9,000 फीट की ऊंचाई की ओर चढ़ रहा था।
दोनों एक ही एयरस्पेस और कम्युनिकेशन फ्रीक्वेंसी पर थे। ऐसे में गलत निर्देश या गलत पहचान बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी।
ATC ने ऐसे बचाया बड़ा हादसा
एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने तुरंत दोनों विमानों को अलग-अलग पहचान के साथ संबोधित किया—एक को arrival और दूसरे को departure के रूप में।
पहुंच रहे विमान को 11,000 फीट पर बनाए रखा गया, जबकि रवाना हुए विमान को 9,000 फीट पर रखा गया। दोनों के रास्ते अलग होने के बाद ही दूसरे विमान को आगे चढ़ने की अनुमति दी गई।
इस तरह कुछ ही मिनटों में संभावित टक्कर का खतरा टाल दिया गया।
दोनों विमानों में सवार यात्रियों को सुरक्षित रखा गया। एक विमान में 122, जबकि दूसरे में 173 यात्री थे—यानी कुल 295 लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती थी।
25 साल के करियर में पहली बार देखा ऐसा मामला
एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के मुताबिक, अपने करीब 25 साल के करियर में उन्होंने ऐसी स्थिति बेहद असामान्य रूप से देखी, जिसमें दो विमान लगभग एक ही समय और जगह पर एक जैसे कॉल साइन के साथ मौजूद हों।
एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसी घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं, लेकिन यही घटना बताती है कि फ्लाइट ऑपरेशन में छोटी-सी पहचान संबंधी गलती भी कितनी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
फ्लाइट नंबर और कॉल साइन में क्या अंतर है?
फ्लाइट नंबर एयरलाइन किसी उड़ान सेवा को पहचान देने के लिए इस्तेमाल करती है। वहीं कॉल साइन वह पहचान है जिसका इस्तेमाल पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल रेडियो पर करते हैं।
सामान्य परिस्थितियों में एक ही फ्लाइट नंबर वाली राउंड-ट्रिप सेवा में एक विमान पहले गंतव्य तक जाता है और फिर वापस लौटता है। लेकिन इस मामले में मौसम से पैदा हुई देरी और विमान बदलने के कारण दोनों विमान कुछ समय के लिए एक ही पहचान के साथ हवा में आ गए।
अब जांच में क्या पता चलेगा?
FAA और अमेरिकन एयरलाइंस दोनों इस घटना की जांच कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि दो अलग-अलग विमानों को एक ही समय पर एक जैसा कॉल साइन दिए जाने से पहले सिस्टम ने इसे क्यों नहीं रोका।
यह घटना विमान सुरक्षा की कई परतों की अहमियत भी दिखाती है—एयरलाइन डिस्पैच, फ्लाइट प्लानिंग, पायलट, ATC और रेडियो कम्युनिकेशन सभी एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
इस बार एक संभावित विमान हादसा कुछ ही सेकंड के फैसले और सही ऊंचाई सेपरेशन की वजह से टल गया। लेकिन सवाल अब भी कायम है—अगर ATC ने यह गलती समय रहते नहीं पकड़ी होती, तो क्या होता?














