जेवर/नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित टोल शुल्क वृद्धि को लेकर सियासत और जनचर्चा तेज हो गई है। जेवर से विधायक धीरेन्द्र सिंह ने इस प्रस्तावित बढ़ोतरी पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को विस्तृत पत्र भेजकर तत्काल पुनर्विचार की मांग की है।
“महंगाई के दौर में अतिरिक्त बोझ अनुचित” — विधायक
अपने पत्र में विधायक ने कहा कि वर्तमान समय वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बढ़ती महंगाई का दौर है, जहां आम नागरिक पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहा है। ऐसे में टोल शुल्क में बढ़ोतरी करना जनहित के विपरीत हो सकता है।
उन्होंने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर पश्चिम एशिया में अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसका प्रभाव ईंधन, परिवहन और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
“लाखों लोगों पर पड़ेगा असर”
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने यमुना एक्सप्रेसवे को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और NCR की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि इसका उपयोग प्रतिदिन लाखों लोग करते हैं। इनमें नौकरीपेशा लोग, छात्र, किसान, छोटे व्यापारी और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रस्तावित टोल वृद्धि से इन सभी वर्गों पर सीधा आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भी दिया हवाला
पत्र में विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास, विशेषकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक निवेश और नई परियोजनाओं के कारण भविष्य में यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात और राजस्व में स्वाभाविक वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि ऐसे में वर्तमान समय में टोल बढ़ाने की आवश्यकता उचित नहीं लगती।
जनहित में यमुना एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित टोल वृद्धि पर रोक लगाना जरूरी। बढ़ती महँगाई एवं वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के बीच यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित टोल वृद्धि लाखों यात्रियों, किसानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। इसी विषय को… pic.twitter.com/C8lgaHWbeq
— Dhirendra Singh (@DhirendraGBN) May 13, 2026
“भविष्य में राजस्व खुद बढ़ेगा”
विधायक ने अपने पत्र में लिखा कि आने वाले समय में एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक और आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से राजस्व अपने आप बढ़ेगा। इसलिए मौजूदा परिस्थितियों में टोल वृद्धि को स्थगित या निरस्त किया जाना चाहिए।
सरकार से जनहित में निर्णय की अपील
धीरेन्द्र सिंह ने प्रदेश सरकार और प्राधिकरण से आग्रह किया कि बढ़ती महंगाई और आम जनता की स्थिति को देखते हुए प्रस्तावित टोल वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाए।
उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता की भावनाओं को समझते हुए जनहित में निर्णय लेंगे।
बढ़ती चर्चाओं के बीच नजरें सरकार के फैसले पर
यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश तेजी से औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का केंद्र बन रहा है। ऐसे में यमुना एक्सप्रेसवे टोल वृद्धि पर सरकार का अगला कदम न केवल यात्रियों बल्कि उद्योग जगत और निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














