“प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र, 3000+ लोगों ने ऑनलाइन याचिका का किया समर्थन”
ग्रेटर नोएडा वेस्ट: वर्षों से लंबित ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को लेकर अब क्षेत्रवासियों की आवाज़ पहले से कहीं ज्यादा बुलंद होती नजर आ रही है। तेजी से बढ़ती आबादी, ट्रैफिक दबाव और रोजमर्रा की यातायात समस्याओं के बीच अब इस परियोजना को लेकर जनआंदोलन जैसा माहौल बनता दिखाई दे रहा है।
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को औपचारिक पत्र भेजकर मेट्रो DPR को तत्काल मंजूरी देने की मांग की है। समिति का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट अब केवल आवासीय क्षेत्र नहीं, बल्कि लाखों लोगों का प्रमुख शहरी केंद्र बन चुका है, जहां मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता है।
RWAs, सामाजिक संगठन और नागरिक मंच एकजुट
इस अभियान को अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई प्रमुख सामाजिक संस्थाओं, एनजीओ और रेजिडेंट वेलफेयर संगठनों का समर्थन मिलने लगा है।
समर्थन देने वालों में—
नवरत्न फाउंडेशन
एक्टिव एनजीओ
नोवरा
नोफा
हेल्पिंग हैंड्स
चैलेंजर ग्रुप
नारी प्रगति सोशल फाउंडेशन
एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट
जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
इसके अलावा फर्स्ट एवेन्यू गौर सिटी और सेवियर ग्रीनार्क जैसी प्रमुख AOA भी इस मुहिम से जुड़ चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अब केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि लाखों निवासियों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई मांग
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने बताया कि केवल ऑनलाइन अभियान ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं समिति द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को विस्तृत मांग पत्र रजिस्टर्ड स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे गए, जिन्हें 22 अप्रैल को आधिकारिक रूप से प्राप्त भी कर लिया गया इसके साथ ही PMO पोर्टल और शहरी विकास विभाग से संबंधित ऑनलाइन शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं बताया गया है कि इन शिकायतों को लखनऊ स्थित जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों और दिल्ली स्थित अर्बन डेवलपमेंट प्लानिंग विभाग तक आगे कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
ऑनलाइन अभियान को भी मिल रहा बड़ा समर्थन
समिति के अनुसार Change.org पर शुरू की गई ऑनलाइन याचिका को अब तक 3000 से अधिक लोगों का समर्थन मिल चुका है हर दिन बड़ी संख्या में नए निवासी इस अभियान से जुड़ रहे हैं लोगों का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी के बावजूद सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं उसी गति से विकसित नहीं हो पाई हैं।
इसके कारण रोजाना लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम, लंबी यात्रा और समय की बर्बादी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
“मेट्रो अब सुविधा नहीं, जरूरत बन चुकी है”
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति की अध्यक्ष रश्मि पाण्डेय ने कहा कि यदि समय रहते परियोजना को मंजूरी नहीं मिली, तो आने वाले समय में यातायात और जनसुविधाओं की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं उन्होंने कहा कि “सामाजिक संस्थाओं और RWAs का इस अभियान से जुड़ना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र के लोग अब इस मुद्दे को लेकर गंभीर और संगठित हैं।”
वहीं समिति के सचिव अनूप कुमार सोनी ने कहा—
“यह केवल मेट्रो की मांग नहीं, बल्कि लाखों लोगों के बेहतर भविष्य, सुरक्षित यात्रा, समय की बचत और बेहतर जीवन गुणवत्ता की मांग है।”
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार ग्रेटर नोएडा वेस्ट की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दे।
जनआंदोलन का रूप ले रही है मुहिम
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में चलाया जा रहा है और लगातार अधिक लोग, सामाजिक संस्थाएं और RWAs इससे जुड़ते जा रहे हैं लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह जनसमर्थन बढ़ता रहा, तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है।














