Sunday, May 10, 2026
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कर्नाटक की राजनीति को बड़ा झटका: योजना मंत्री डी. सुधाकर का निधन, लंबी बीमारी के बाद 66 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति से रविवार तड़के एक बेहद दुखद खबर सामने आई। राज्य सरकार में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी. सुधाकर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे।

मंत्री सुधाकर पिछले दो महीनों से फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे और बेंगलुरु के Krishna Institute of Medical Sciences में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक रविवार तड़के 3 बजकर 15 मिनट पर उन्हें मृत घोषित किया गया।

उनके निधन की खबर से कांग्रेस पार्टी और कर्नाटक की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।

हिरियूर से विधायक, जनता के बीच मजबूत पकड़

डी. सुधाकर चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे और राज्य सरकार में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री के तौर पर कार्यरत थे। कांग्रेस के वरिष्ठ और जमीनी नेताओं में गिने जाने वाले सुधाकर को जनता के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता था।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, वे उन नेताओं में थे जो हमेशा अपने क्षेत्र के विकास और गरीबों के मुद्दों को लेकर मुखर रहते थे। यही वजह थी कि उन्हें “गरीबों का मसीहा” भी कहा जाता था।

उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जताया गहरा शोक

कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने डी. सुधाकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।

उन्होंने कहा,

“यह खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ कि हमारे कैबिनेट सहयोगी और मेरे प्रिय मित्र डी. सुधाकर अब हमारे बीच नहीं रहे। वे लोगों की समस्याओं को लेकर बेहद संवेदनशील नेता थे।”

डीके शिवकुमार ने याद करते हुए कहा कि जब भी सुधाकर उनसे मिलने आते थे, तो अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़ी मांगें जरूर रखते थे।

उन्होंने कहा कि यह उनके क्षेत्र और वहां की जनता के प्रति उनके असीम प्रेम और समर्पण को दर्शाता था।

राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

डी. सुधाकर के निधन के बाद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा शोक है। कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुधाकर का जाना कांग्रेस और कर्नाटक सरकार के लिए बड़ी क्षति है, क्योंकि वे संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभा रहे थे।

परिवार और समर्थकों के लिए अपूरणीय क्षति

डीके शिवकुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि सुधाकर अपने पीछे परिवार, रिश्तेदारों और हजारों समर्थकों को छोड़ गए हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत नेता की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्राप्त हो।

डी. सुधाकर के निधन से कर्नाटक की राजनीति में एक ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

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