Friday, May 8, 2026
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विधानसभा चुनावों के बाद INDIA गठबंधन में बड़ी दरार! तमिलनाडु में कांग्रेस से नाराज DMK, बंगाल हार के बाद ममता ने बदले सुर

हाल ही में आए विधानसभा चुनाव परिणामों ने सिर्फ राज्यों की राजनीति ही नहीं बदली, बल्कि विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन के भीतर भी बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दे दिए हैं।

एक तरफ Tamil Nadu में कांग्रेस द्वारा थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) को समर्थन देने से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) भड़क गई है, तो दूसरी तरफ West Bengal में सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी अब INDIA गठबंधन को मजबूत करने की खुलकर बात कर रही हैं।


तमिलनाडु में TVK ने बिगाड़ा INDIA गठबंधन का समीकरण

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर तब हुआ जब अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की TVK ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया।

हालांकि 234 सदस्यीय विधानसभा में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। ऐसे में सरकार गठन के लिए पोस्ट-पोल समर्थन की राजनीति शुरू हो गई।

चुनाव कांग्रेस ने DMK के साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने DMK का साथ छोड़कर विजय की TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने से TVK की ताकत बढ़ गई।

यहीं से DMK और कांग्रेस के रिश्तों में दरार खुलकर सामने आ गई।

DMK नेताओं ने कांग्रेस पर “पीठ में छुरा घोंपने” तक का आरोप लगा दिया। राजनीतिक गलियारों में इसे INDIA गठबंधन के भीतर सबसे बड़ी टूट के तौर पर देखा जा रहा है।


कांग्रेस का पलटवार — “DMK हार स्वीकार करे”

तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने DMK के आरोपों को “दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य” बताया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा अपने सहयोगियों के लिए त्याग करती रही है और धर्मनिरपेक्ष राजनीति के साथ खड़ी रही है।

टैगोर ने यह भी कहा कि तमिलनाडु की जनता ने बदलाव के लिए वोट किया है और यह जनादेश विजय की राजनीति के पक्ष में गया है।

उनके मुताबिक:

“DMK को अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए।”


बंगाल हार के बाद बदले ममता बनर्जी के सुर

जहां तमिलनाडु में विपक्षी एकता कमजोर होती दिख रही है, वहीं पश्चिम बंगाल में स्थिति बिल्कुल उलट नजर आ रही है।

बंगाल में बीजेपी से सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी अब लगातार INDIA गठबंधन को मजबूत करने की बात कर रही हैं।

इस दौरान राहुल गांधी ने भी ममता का खुलकर समर्थन किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बंगाल और असम में चुनाव “चुराए गए” और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

ममता बनर्जी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बार INDIA गठबंधन का जिक्र किया और कहा कि विपक्षी दलों के सभी बड़े नेता उनके साथ खड़े हैं।

उन्होंने जिन नेताओं का नाम लिया उनमें शामिल हैं—

सोनिया गांधी

राहुल गांधी

अरविंद केजरीवाल

उद्धव ठाकरे

अखिलेश यादव

तेजस्वी यादव

हेमंत सोरेन


“अब आम नागरिक बनकर INDIA गठबंधन मजबूत करूंगी” — ममता

ममता बनर्जी ने हार के बाद बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा:

“अब मैं आम आदमी की तरह INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी। मेरे पास अब कोई कुर्सी नहीं है, लेकिन मुझे अभी बहुत काम करना है।”

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि ममता अक्सर बंगाल में “एकला चलो” की रणनीति अपनाती रही हैं।

इस बार भी पश्चिम बंगाल में INDIA गठबंधन के दल एकजुट होकर चुनाव नहीं लड़ पाए थे। कांग्रेस, TMC और वाम दल अलग-अलग मैदान में उतरे थे।


क्या INDIA गठबंधन एकजुट रह पाएगा?

इन चुनाव परिणामों ने विपक्षी गठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती को फिर सामने ला दिया है — क्षेत्रीय दलों के बीच आपसी टकराव और नेतृत्व की लड़ाई।

तमिलनाडु में कांग्रेस और DMK आमने-सामने हैं

बंगाल में हार के बाद ममता विपक्षी एकता की नई बात कर रही हैं

कई राज्यों में गठबंधन के दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्षी दलों की आपसी खींचतान का सबसे ज्यादा फायदा बीजेपी को मिलता रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—

क्या INDIA गठबंधन इन चुनावी झटकों के बाद और मजबूत होगा, या क्षेत्रीय राजनीति की लड़ाई विपक्षी एकता को और कमजोर कर देगी?

 

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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