गाजीपुर – केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को अवैध ई-फार्मेसी और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे जिले के दवा व्यापारियों ने ऐतिहासिक बंद और विशाल रैली मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस आंदोलन को UPMSRA तथा व्यापार मंडल गाजीपुर का पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बंद का समर्थन करते हुए रैली मार्च में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन के समर्थन में गाजीपुर शहर सहित नंदगंज, सैदपुर, कासिमाबाद, मोहम्मदाबाद, दुल्लहपुर, जखनिया, हंसराजपुर, बाराचवर, जमानिया, शादियाबाद, कठवामोड़, जंगीपुर, भदौरा, दिलदारनगर, मरदह तथा जिले के तमाम ग्रामीण और इंटीरियर क्षेत्रों की छोटी-बड़ी दवा दुकानें पूर्णतः बंद रहीं। इससे पूरे जिले में दवा व्यवसाय पूरी तरह ठप रहा।
अपनी दुकानें बंद रखकर आक्रोश जताने के साथ जिले के कोने-कोने से आए दवा व्यापारियों ने महिला अस्पताल, लालदरवाजा से कचहरी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय तक विशाल रैली मार्च निकाला। रैली का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के अध्यक्ष नागमणि मिश्र ने कहा कि जिले की सभी दवा दुकानों का बंद रहना सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ केमिस्टों के भारी आक्रोश का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अवैध ई-फार्मेसी न केवल पारंपरिक दवा व्यापारियों के रोजगार को खत्म कर रही है, बल्कि बिना उचित पर्चे के दवाएं बेचकर जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने सरकार द्वारा लागू नियम GSR 817E और GSR 220E को दवा व्यापार विरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
रैली के समापन पर एसोसिएशन पदाधिकारियों ने व्यापार मंडल और यूपीएमएसआरए प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जिलाधिकारी गाजीपुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अवैध ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, बिना कड़े मानकों के हो रही दवाओं की होम डिलीवरी रोकने तथा GSR 817E और GSR 220E में केमिस्ट हित में संशोधन की मांग की गई। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और बड़ा रूप धारण करेगा।














