“महर्षि यूनिवर्सिटी में सजा वैश्विक संवाद का मंच, शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग और नवाचार पर हुआ मंथन | डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव और डॉ. महिपाल सिंह को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’, CEO डॉ. सुष्मिता भाटी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित”
नोएडा: महर्षि यूनिवर्सिटी में रविवार को आयोजित इंडिया कनेक्ट एंड कोलेबोरेशन समिट ने भारत और दुनिया के बीच सहयोग, साझेदारी और नए अवसरों की संभावनाओं को एक साझा मंच प्रदान किया। सम्मेलन में देश-विदेश के राजनयिक प्रतिनिधियों, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लेकर शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
समिट की खास उपलब्धियों में फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की टीम का सम्मान भी रहा। फाउंडेशन की प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव और निदेशक डॉ. महिपाल सिंह को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के सम्मान से नवाजा गया, जबकि फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. सुष्मिता भाटी को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया।
यह सम्मान फाउंडेशन के कार्यों, सामाजिक सरोकारों और भविष्य की योजनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने के रूप में देखा गया।
एक मंच पर आए देश-विदेश के प्रतिनिधि
इंडिया कनेक्ट एंड कोलेबोरेशन समिट का उद्देश्य केवल संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न देशों, संस्थाओं और विशेषज्ञों के बीच सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशना भी रहा। सम्मेलन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा, कौशल और नवाचार के माध्यम से भारत किस तरह अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत कर सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा और कौशल विकास को युवाओं के भविष्य से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल को समय की जरूरत बताया गया।
त्रिनिदाद व टोबैगो के हाई कमिश्नर रहे मुख्य अतिथि
समिट के मुख्य अतिथि भारत में त्रिनिदाद व टोबैगो के हाई कमिश्नर एचई चंद्रदाथ सिंह रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान किया।
वहीं उरुग्वे दूतावास के चीफ ऑफ कांसुलर सेक्शन पाब्लो रिकार्डो गोरोसिटो ने गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में हिस्सा लिया। सीबीएसई, नई दिल्ली के एडिशनल डायरेक्टर (स्किल एजुकेशन) आरपी सिंह विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में भारत के शिक्षा और कौशल विकास मॉडल, उद्योगों के साथ सहयोग तथा वैश्विक स्तर पर साझेदारी के अवसरों को लेकर संवाद हुआ।
फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की टीम का विशेष सम्मान
समिट के दौरान जब फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की टीम को सम्मानित किया गया तो यह आयोजन का महत्वपूर्ण आकर्षण बन गया।
फाउंडेशन की प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव और निदेशक डॉ. महिपाल सिंह को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ का सम्मान प्रदान किया गया। वहीं फाउंडेशन की CEO डॉ. सुष्मिता भाटी को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया।
फाउंडेशन की टीम ने सम्मेलन के दौरान अपने कार्यों, अनुभवों और भविष्य की योजनाओं को भी साझा किया। टीम की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय संस्थाएं भी शिक्षा, कौशल, सहयोग और नवाचार के व्यापक वैश्विक विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार तक सहयोग पर जोर
समिट में शिक्षा और कौशल विकास को भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को बदलती तकनीक, उद्योग की जरूरतों और वैश्विक रोजगार बाजार के अनुरूप तैयार करना भी जरूरी है।
इसी संदर्भ में शैक्षणिक संस्थानों, सरकार, उद्योग और सामाजिक संस्थाओं के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने माना कि जब अलग-अलग क्षेत्रों की विशेषज्ञता एक मंच पर आती है तो नए विचारों और नए अवसरों के लिए रास्ते खुलते हैं।
महर्षि यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम को महर्षि यूनिवर्सिटी की ओर से रतिश गुप्ता, कुलपति डॉ. बीपी सिंह, महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, कानपुर के कुलपति डॉ. पीके उपाध्याय और डीन अकादमिक तृप्ति अग्रवाल ने भी संबोधित किया।
वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने, संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने और युवाओं को नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया।
महर्षि यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा जगत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बीच एक सेतु के रूप में भी सामने आया। अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे के अनुभवों और विचारों को समझने के साथ भविष्य में संभावित साझेदारियों पर चर्चा की।
केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों की भागीदारी
समिट में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों की भागीदारी ने कार्यक्रम की गंभीरता और व्यापकता को और बढ़ाया।
इस दौरान वित्त मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर डॉ. हरीश यादव, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर प्रवीण एस, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर सतीश कुमार, एमएसएमई मंत्रालय के असिस्टेंट कमिश्नर हेमंत यादव तथा सहकारिता मंत्रालय के डॉ. संजय ने भी अपने विचार रखे।
अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े अनुभव साझा करते हुए विकास की प्रक्रिया में संस्थागत सहयोग और बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
वैश्विक साझेदारी के लिए नेटवर्किंग का मंच बना समिट
इंडिया कनेक्ट एंड कोलेबोरेशन समिट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को एक ही मंच पर लाना रहा। राजनयिक प्रतिनिधियों से लेकर सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों तक ने एक-दूसरे के साथ संवाद किया।
इस तरह का मंच संस्थाओं को अपनी गतिविधियों और योजनाओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर देता है। साथ ही विभिन्न संगठनों के बीच भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं और सहयोग की संभावनाएं भी तलाशने का रास्ता खुलता है।
फाउंडेशन की टीम ने भी इस अवसर का उपयोग अपने कार्यों और भविष्य की योजनाओं को साझा करने के लिए किया। टीम के सम्मान ने कार्यक्रम में उसकी उपस्थिति को और महत्वपूर्ण बना दिया।
सम्मान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी
फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की टीम के लिए यह सम्मान केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि आगे की जिम्मेदारी का संदेश भी है। किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के संवाद मंच पर संस्थान के प्रतिनिधियों का सम्मान होना उसके काम को नई पहचान देने के साथ भविष्य में और बेहतर प्रयासों की अपेक्षा भी पैदा करता है।
डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, डॉ. महिपाल सिंह और डॉ. सुष्मिता भाटी का सम्मान इस बात का संकेत है कि सामाजिक और संस्थागत स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को व्यापक मंचों पर स्थान मिल रहा है।
समिट के दौरान हुए विचार-विमर्श ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और उद्योग के बीच समन्वय ही विकास की नई दिशा तय करेगा।
साझेदारी से विकास की नई राह
इंडिया कनेक्ट एंड कोलेबोरेशन समिट का मूल संदेश सहयोग और साझेदारी के इर्द-गिर्द रहा। भारत और अन्य देशों के बीच बेहतर संबंध केवल राजनयिक संवाद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, तकनीक, कौशल, उद्योग और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में भी मजबूत साझेदारी की जरूरत है।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि संस्थानों को अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर साझा उद्देश्यों के लिए काम करना होगा। इससे न केवल नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास के लाभ पहुंचाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
महर्षि यूनिवर्सिटी में आयोजित यह समिट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया, जिसने अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को विचारों और संभावनाओं के साझा मंच पर एकत्रित किया।
फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के लिए यादगार रहा दिन
फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की टीम के सम्मान ने इस पूरे आयोजन को उसके लिए विशेष बना दिया। डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव और डॉ. महिपाल सिंह को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ तथा डॉ. सुष्मिता भाटी को विशिष्ट अतिथि के सम्मान से नवाजा जाना फाउंडेशन के लिए गौरवपूर्ण क्षण रहा।
समिट में मिले सम्मान और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ संवाद से फाउंडेशन को भविष्य की योजनाओं के लिए नए संपर्क और सहयोग के अवसर मिलने की संभावना भी बनी है।
कुल मिलाकर, इंडिया कनेक्ट एंड कोलेबोरेशन समिट केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत और वैश्विक समुदाय के बीच सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशने का मंच साबित हुआ। महर्षि यूनिवर्सिटी का यह आयोजन शिक्षा, कौशल, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा सकता है। वहीं फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन की टीम का सम्मान इस आयोजन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।














