Thursday, July 30, 2026
Your Dream Technologies
HomeDelhi NCRजम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों के लिए दिल्ली सरकार की बड़ी राहत: नई SOP...

जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों के लिए दिल्ली सरकार की बड़ी राहत: नई SOP लागू, 15 सितंबर तक फॉर्म-A भरना अनिवार्य

नई दिल्ली:दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विस्थापित एवं राजधानी में रह रहे प्रवासी परिवारों के लिए राहत वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तदर्थ मासिक राहत (AMR) के वितरण के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक समय पर राहत पहुंचाना, अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम करना और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी सोच के तहत राहत वितरण प्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

15 सितंबर तक फॉर्म-A जमा करना होगा अनिवार्य

नई SOP के तहत मार्च 2024 तक राहत प्राप्त कर रहे सभी पंजीकृत प्रवासी परिवारों को 15 सितंबर 2026 तक फॉर्म-A भरकर जमा करना अनिवार्य होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अप्रैल 2026 में पुराने नियमों के तहत जमा किए गए घोषणा-पत्र अब मान्य नहीं होंगे और उन्हें निरस्त माना जाएगा।

फॉर्म-A के माध्यम से प्रत्येक परिवार को 1 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार अपने वर्तमान परिवार का विवरण घोषित करना होगा। इसके बाद जिला प्रशासन परिवारों का रिकॉर्ड अपडेट करेगा और प्रति परिवार अधिकतम चार सदस्यों के आधार पर मासिक राहत जारी की जाएगी।

मार्च 2024 तक पंजीकृत परिवारों को मिली विशेष छूट

सरकार ने मार्च 2024 तक राहत प्राप्त कर रहे सभी पंजीकृत परिवारों को एकमुश्त विशेष छूट (एमनेस्टी) देने का निर्णय लिया है। इस योजना को जून 2026 में दिल्ली कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।

इस विशेष प्रावधान के तहत लाभार्थियों को अपने परिवार की वर्तमान स्थिति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है ताकि भविष्य में राहत वितरण में किसी प्रकार का विवाद या तकनीकी बाधा न आए।

परिवार विभाजन के लिए फॉर्म-B भी जरूरी

जिन परिवारों में नियमों के अनुसार विभाजन कराया जाना है, उन्हें फॉर्म-A के साथ फॉर्म-B भी जमा करना होगा। इसके आधार पर प्रशासन नियमानुसार नए परिवारों का पंजीकरण और राहत पात्रता तय करेगा।

आय सीमा समाप्त, अब नहीं देना होगा आय प्रमाण पत्र

नई SOP का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार ने राहत प्राप्त करने के लिए लागू मासिक पारिवारिक आय की सीमा पूरी तरह समाप्त कर दी है।

अब पात्र लाभार्थियों को न तो आय प्रमाण पत्र देना होगा और न ही अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। इससे हजारों प्रवासी परिवारों को लंबी दस्तावेजी प्रक्रिया और सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत मिलेगी।

सरकार का मानना है कि इससे राहत वितरण अधिक तेज, पारदर्शी और जनहितकारी बनेगा।

विवाह के बाद परिवार में नाम जोड़ने और हटाने के स्पष्ट नियम

नई व्यवस्था में विवाह और पारिवारिक स्थिति से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

  • यदि किसी प्रवासी परिवार की बेटी का विवाह दूसरे प्रवासी परिवार में होता है, तो उसका नाम नए परिवार में जोड़ा जाएगा।
  • यदि किसी गैर-प्रवासी लड़की का विवाह प्रवासी परिवार में होता है, तो उसका नाम प्रवासी परिवार में शामिल किया जाएगा।
  • यदि किसी प्रवासी लड़की का विवाह गैर-प्रवासी परिवार में होता है, तो उसका नाम प्रवासी परिवार की सूची से हट जाएगा और वह राहत पाने की पात्र नहीं रहेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत का निर्धारण पारिवारिक संबंधों और वैवाहिक स्थिति के आधार पर किया जाएगा, चाहे लाभार्थी वर्तमान में किसी भी स्थान पर रह रहा हो।

31 मार्च 2026 तक का बकाया भी मिलेगा

दिल्ली सरकार ने यह भी घोषणा की है कि 31 मार्च 2026 तक की अवधि का लंबित राहत भुगतान (एरियर) भी जारी किया जाएगा।

इसके लिए लाभार्थियों को पुराने राहत कार्ड, वर्तमान परिवार प्रमुख के आधार कार्ड और वार्षिक स्व-घोषणा के आधार पर भुगतान किया जाएगा।

जहां आवश्यक होगा, वहां उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) या तहसीलदार द्वारा फील्ड सत्यापन भी कराया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी आवेदन केवल निर्धारित जिलों में ही स्वीकार किए जाएंगे।

सरकार का दावा—अब राहत मिलेगी समय पर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई SOP का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों को सम्मानजनक और आसान तरीके से राहत उपलब्ध कराना है। आय संबंधी शर्तें हटाने और दस्तावेजी प्रक्रिया सरल करने से हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा तथा पात्र लोगों तक आर्थिक सहायता समय पर पहुंच सकेगी।

नई व्यवस्था से न केवल राहत वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर रिकॉर्ड अपडेट होने से भविष्य में किसी भी प्रकार की विसंगति या देरी की संभावना भी कम होगी।


मुख्य बिंदु

  • 15 सितंबर 2026 तक फॉर्म-A जमा करना अनिवार्य।
  • मार्च 2024 तक पंजीकृत परिवारों को विशेष एमनेस्टी।
  • आय प्रमाण पत्र और संपत्ति संबंधी दस्तावेज की आवश्यकता समाप्त।
  • परिवार विभाजन के लिए फॉर्म-B अनिवार्य।
  • विवाह के आधार पर नाम जोड़ने और हटाने के स्पष्ट नियम।
  • 31 मार्च 2026 तक का बकाया भुगतान भी किया जाएगा।
  • जरूरत पड़ने पर SDM/तहसीलदार करेंगे फील्ड सत्यापन।
- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button