चित्रकूट/लखनऊ:राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान हुई अनियमितता के मामले में सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की है। जांच में केवल आठ लोग दोषी पाए गए, जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। ऐसे में पूरे ट्रस्ट, अयोध्या और भगवान श्रीराम की विरासत को कटघरे में खड़ा करना न केवल अनुचित है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान भी है।
चित्रकूट में 950 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस मामले को बहाना बनाकर पूरे राम मंदिर ट्रस्ट और अयोध्या की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
“150 लोग कर रहे थे चढ़ावे की गिनती, केवल 8 निकले दोषी”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले का क्रमवार विवरण देते हुए कहा कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की गणना के लिए लगभग 150 लोग नियुक्त थे। इसी दौरान मंदिर ट्रस्ट को सूचना मिली कि चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी और चोरी की आशंका है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट ने राज्य सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की सिफारिश की। सरकार ने तत्काल एसआईटी का गठन किया और निष्पक्ष जांच कराई। जांच में छह लोग सीधे तौर पर चोरी करते हुए पाए गए, जबकि दो अन्य लोग साजिश में शामिल थे। इस तरह कुल आठ लोगों की भूमिका सामने आई।
सीएम ने कहा कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी, जिसके आधार पर ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई और सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
“कुछ लोगों की गलती पर पूरे ट्रस्ट को बदनाम करना गलत”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जांच हो चुकी है, दोषियों की पहचान हो चुकी है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो गई है, तब पूरे राम मंदिर ट्रस्ट, अयोध्या और भगवान श्रीराम की विरासत को कटघरे में खड़ा करने का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। इससे केवल धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और समाज में भ्रम फैलता है।
योगी ने कहा कि यदि किसी संस्था में कुछ लोग अपराध करते हैं तो उसके लिए पूरी संस्था को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सबसे तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन दोनों दलों ने पूरे भारत की आस्था को आहत करने का ठेका ले लिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार ऐसे मुद्दे तलाशता है, जिनके जरिए राम मंदिर और अयोध्या को विवादों में घसीटा जा सके। उनका कहना था कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर हमला है।
योगी ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं। ऐसे में राम मंदिर को लेकर निराधार आरोप लगाना पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।
सपा पर साधा निशाना, बोले- “राम से दूरी ही उनकी पहचान”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास भगवान श्रीराम से दूरी बनाने का रहा है।
उन्होंने कहा कि जो लोग आज राम मंदिर पर सवाल उठा रहे हैं, वही लोग पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने वर्षों तक श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को काल्पनिक बताने की कोशिश की।
योगी ने कहा कि यदि राम काल्पनिक हैं तो फिर अयोध्या, चित्रकूट, पंचवटी, बरसाना और देश के अन्य धार्मिक तीर्थों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि यह भारत की सनातन संस्कृति और इतिहास को नकारने की कोशिश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान नहीं कर सकते, वे विकास की राजनीति भी नहीं कर सकते।
“अयोध्या को बदनाम करने की साजिश”
सीएम योगी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को राम मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद का इंतजार रहता है ताकि वे उसे बड़ा मुद्दा बनाकर अयोध्या को बदनाम कर सकें।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या पूरी दुनिया में भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभरी है। लाखों श्रद्धालु रोज यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे समय में मंदिर और ट्रस्ट की छवि खराब करने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
वक्फ संपत्तियों को लेकर भी विपक्ष पर हमला
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ संपत्तियों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले के वर्षों में वक्फ के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जे किए गए।
उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे और जमीनों का दुरुपयोग किया गया। हजारों एकड़ भूमि को कब्रिस्तान या वक्फ संपत्ति बताकर दर्ज कराया गया और बाद में कई जमीनों की खरीद-बिक्री भी हुई।
मुख्यमंत्री ने इसे “सीधी डकैती” करार देते हुए कहा कि जनता अब इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने विपक्ष पर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
विकास और विरासत दोनों पर सरकार का जोर
चित्रकूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 950 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को समान महत्व दे रही है।
योगी ने कहा कि चित्रकूट, अयोध्या, काशी, मथुरा और अन्य धार्मिक स्थलों का विकास केवल पर्यटन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का अभियान है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए रोजगार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देना है।
राजनीतिक संदेश भी, आस्था की अपील भी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान केवल जांच और कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे आस्था और राजनीति दोनों से जोड़ते हुए विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने दोहराया कि सरकार ने शिकायत मिलते ही एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराई, दोषियों की पहचान की और कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित की।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ व्यक्तियों के अपराध को आधार बनाकर पूरे राम मंदिर ट्रस्ट, अयोध्या और भगवान श्रीराम की विरासत को बदनाम करने का प्रयास कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और साथ ही करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।














