“प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव के बीच परिवहन सुविधा पर सरकार का विशेष फोकस”
उत्तर प्रदेश सरकार ने NEET-UG 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को 20 और 21 जून 2026 को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसों में यात्रा करने पर किराए में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।
यह निर्णय विशेष रूप से उन छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो दूरदराज के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं।
शिक्षा और सुगम परिवहन को जोड़ने की पहल
प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को अक्सर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार परीक्षा केंद्र उनके गृह जनपद से सैकड़ों किलोमीटर दूर आवंटित किए जाते हैं, जिससे यात्रा व्यय और समय दोनों बढ़ जाते हैं।
ऐसे में सरकार की यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के दौरान छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक और वित्तीय दबाव को कम करने का भी प्रयास है।
किन अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ?
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के अनुसार, 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET-UG परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
यह रियायत 20 जून और 21 जून 2026 को लागू रहेगी, ताकि छात्र परीक्षा से एक दिन पहले भी अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।
प्रवेश पत्र दिखाना होगा अनिवार्य
यात्रा के दौरान अभ्यर्थियों को अपना वैध प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) प्रस्तुत करना होगा। बस परिचालक प्रवेश पत्र का सत्यापन करने के बाद ही रियायती टिकट जारी करेंगे।
सत्यापन के दौरान निम्न बिंदुओं की जांच की जाएगी—
प्रवेश पत्र पर अंकित फोटो
परीक्षा की तिथि
रोल नंबर
यात्रा की निर्धारित अवधि
कैसे जारी होगा रियायती टिकट?
यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक प्रभु एन. सिंह ने बताया कि बस परिचालक इलेक्ट्रॉनिक टिकट इश्यूइंग मशीन (ईटीआईएम) के माध्यम से अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत रियायती दर पर “चाइल्ड टिकट” जारी करेंगे।
यदि किसी तकनीकी कारण से ईटीआईएम मशीन से टिकट जारी नहीं हो पाता है, तो डिपो प्रभारी या केंद्र प्रभारी की अनुमति से मैनुअल टिकट जारी किया जाएगा।
अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा
पारदर्शिता और भविष्य में सत्यापन की सुविधा के लिए परिचालकों को निम्न विवरण सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं—
अभ्यर्थी का नाम
रोल नंबर
यात्रा मार्ग
टिकट की धनराशि
प्रवेश पत्र की छायाप्रति
यह व्यवस्था किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने और प्रशासनिक निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर वर्ष लाखों छात्र इसमें भाग लेते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के दौरान यात्रा संबंधी परेशानियां छात्रों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में किराए में छूट जैसी सुविधाएं न केवल आर्थिक बोझ कम करती हैं, बल्कि समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भी मददगार साबित होती हैं।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
परीक्षा केंद्र के लिए यात्रा की योजना पहले से बना लें।
बस यात्रा के दौरान प्रवेश पत्र की अतिरिक्त छायाप्रति साथ रखें।
वैध पहचान पत्र भी अपने साथ अवश्य रखें।
परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग समय से पहले पहुंचने का प्रयास करें।
यात्रा से संबंधित जानकारी के लिए निकटतम रोडवेज डिपो से संपर्क करें।
शिक्षा क्षेत्र में छात्र-केंद्रित नीतियों की दिशा में कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान परिवहन सुविधाओं में रियायत देना छात्रों के लिए एक सकारात्मक और छात्र-केंद्रित नीति का संकेत है। यदि भविष्य में अन्य बड़ी परीक्षाओं—जैसे जेईई, सीयूईटी और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं—के लिए भी ऐसी व्यवस्था लागू की जाती है, तो लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच छात्रों के आर्थिक और मानसिक दबाव को कम करने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।














