“12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होगा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी और CAPF की 200 कंपनियां संभालेंगी सुरक्षा; पीएम मोदी ने वीडियो जारी कर तैयारियों की झलक दिखाई”
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली एक बार फिर दुनिया की बड़ी कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है। 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि BRICS 2026 के लिए सब सेट है। उन्होंने एक वीडियो साझा कर सम्मेलन की तैयारियों और आयोजन स्थल की झलकियां भी देश-दुनिया के सामने रखी हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार जवानों के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की करीब 200 कंपनियों को सुरक्षा में तैनात किया गया है। दिल्ली के महत्वपूर्ण इलाकों और कार्यक्रम से जुड़े मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है। वहीं संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन उड़ाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
दुनिया के दिग्गज नेताओं की मेजबानी के लिए तैयार दिल्ली
ब्रिक्स समिट में कई देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शामिल होंगे। रूस, चीन और ईरान जैसे महत्वपूर्ण देशों के शीर्ष नेताओं के साथ इंडोनेशिया, इथियोपिया, कजाकिस्तान, फिलीपींस समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख दिल्ली पहुंचेंगे। ऐसे में भारत के लिए यह सम्मेलन न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि मेहमानों की सुरक्षा और उनके लिए सुचारू व्यवस्था भी बड़ी जिम्मेदारी है।
विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था दिल्ली के अलग-अलग होटलों में की गई है। सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन ने होटल से लेकर कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने वाले रास्तों को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए हैं।
कौन मेहमान कहां ठहरेगा?
सूत्रों के मुताबिक, ब्रिक्स समिट में शामिल होने वाले ज्यादातर विदेशी मेहमान नई दिल्ली के अलग-अलग होटलों में ठहरेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, इथियोपिया के प्रधानमंत्री, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति, थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री के एक ही होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है।
वहीं अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ सऊदी अरब, बहरीन और ब्राजील के वित्त मंत्रियों के दूसरे होटल में ठहरने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग देशों के प्रतिनिधिमंडलों को सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लिहाज से निर्धारित होटलों में ठहराया जाएगा।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बांग्लादेश के VIP मेहमानों के साथ एक होटल में ठहरेंगे। सूत्र के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के लिए बुरुंडी के राष्ट्रपति के साथ एक होटल में रहने की व्यवस्था की गई है।
इसी तरह फिलीपींस के राष्ट्रपति, वियतनाम के प्रधानमंत्री, बोलीविया के VIP मेहमान और क्यूबा तथा उरुग्वे के वित्त मंत्री एक ही होटल में ठहरेंगे। ईरान के राष्ट्रपति के लिए अलग होटल में व्यवस्था की गई है।
सूत्र ने बताया कि चीन और बेलारूस के राष्ट्रपति भी एक ही होटल में ठहरेंगे। वहीं मलेशिया के प्रधानमंत्री, नाइजीरिया के राज्य मंत्री, युगांडा के उपराष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र महासचिव के लिए एक ही होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है।
भारत मंडपम पहुंचने का समय भी तय
समिट के दौरान राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों के भारत मंडपम पहुंचने का समय भी निर्धारित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उनके आगमन का पूरा कार्यक्रम तय किया गया है।
12 सितंबर, शनिवार को विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों के दोपहर 1.30 बजे से 2.15 बजे के बीच भारत मंडपम पहुंचने की उम्मीद है। इसके अगले दिन यानी 13 सितंबर, रविवार को राष्ट्राध्यक्षों के सुबह 8.50 बजे से 9.25 बजे के बीच कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की संभावना है।
विदेशी नेताओं के काफिले के आवागमन को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को भी विशेष रूप से तैयार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही हैं।
सबसे पहले UAE के क्राउन प्रिंस, सबसे आखिर में पुतिन के पहुंचने की संभावना
कार्यक्रम स्थल पर विदेशी नेताओं के पहुंचने के क्रम को लेकर भी जानकारी सामने आई है। UAE के क्राउन प्रिंस के सबसे पहले भारत मंडपम पहुंचने की उम्मीद है। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे आखिर में पहुंचने की संभावना जताई गई है। पुतिन से पहले चीन के राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की उम्मीद है।
यह पूरा आगमन कार्यक्रम सुरक्षा प्रोटोकॉल और विभिन्न देशों के नेताओं के कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। राजधानी में विदेशी मेहमानों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती भी है और भारत की मेजबानी क्षमता दिखाने का अवसर भी।
11 सितंबर से शुरू होगा पुतिन का दिल्ली कार्यक्रम
ब्रिक्स समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके लिए दिल्ली में कई अहम कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। 11 सितंबर को पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता साथ में इनोप्रोम (Innoprom) प्रदर्शनी का दौरा भी करेंगे।
इसके बाद पुतिन ब्रिक्स बिजनेस फोरम में भाषण देंगे। रूसी राष्ट्रपति दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति, मलेशिया के प्रधानमंत्री और ब्रिक्स न्यू डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख के साथ भी बैठकें करेंगे। इसके अलावा मिस्र के नेता के साथ उनकी बैठक की व्यवस्था भी की जा रही है।
12 सितंबर को ब्रिक्स बैठक, इनोवेशन प्रदर्शनी और पेड़ लगाने का कार्यक्रम
12 सितंबर को पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उनके कार्यक्रम में भारतीय इनोवेशन प्रदर्शनी का दौरा भी शामिल है। इसके अलावा ब्रिक्स नेताओं के साथ मिलकर पेड़ लगाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
रूसी राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में भी शामिल होंगे। इस दौरान उनकी इथियोपिया के प्रधानमंत्री और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ मुलाकात होने की उम्मीद है। इस दिन ब्रिक्स देशों के नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी और द्विपक्षीय मुलाकातों का दौर भी चलेगा।
13 सितंबर को भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेंगे। इस तरह उनका दिल्ली दौरा कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों से भरा रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर दिल्ली की नजर
ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 200 कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगी। कार्यक्रम स्थल, होटल, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
दिल्ली में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जा सके। महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगाई गई है। सम्मेलन की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में भी छुट्टियां घोषित की गई हैं, जिससे राजधानी में भीड़ और यातायात के दबाव को कम किया जा सके।
BRICS 2026 की मेजबानी भारत के लिए वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम अवसर है। दुनिया के कई प्रभावशाली देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के बीच दिल्ली अगले दो दिनों तक अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति का प्रमुख केंद्र बनी रहेगी। अब नजर इस बात पर है कि भारत मंडपम में होने वाली बैठकों से वैश्विक स्तर पर कौन से नए संदेश और सहयोग के रास्ते सामने आते हैं।














