अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित, आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर दी है। भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे जितेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को राम मंदिर ट्रस्ट के CEO का पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उनका अयोध्या में औपचारिक रूप से कार्यभार संभालना मंदिर प्रशासन के लिहाज से एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
इसी दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या पहुंचे। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर परिसर में नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा और मंदिर समिति के अन्य सदस्यों के साथ मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने CEO मिश्रा एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ रामलला के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना भी की।
मुख्यमंत्री का अयोध्या दौरा पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के तहत था। वे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने तथा उनके लिए विभिन्न योजनाओं की शुरुआत करने के लिए अयोध्या पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट की नई व्यवस्था और पदाधिकारियों के साथ भी महत्वपूर्ण बातचीत की।
CM योगी ने नए CEO और ट्रस्ट के पदाधिकारियों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर परिसर में नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा के अलावा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और कृष्ण मोहन से भी बातचीत की। मुलाकात के दौरान मंदिर की व्यवस्थाओं, प्रशासनिक संचालन और भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने CEO समेत मंदिर के अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस बैठक को मंदिर प्रशासन के कामकाज को अधिक सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों के प्रशासन, दर्शन व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल जैसे विषय अब मंदिर प्रशासन के लिए लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। ऐसे में CEO की नियुक्ति को इन व्यवस्थाओं को एक केंद्रीकृत और पेशेवर ढांचे में संचालित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
5 हजार से अधिक संभावित उम्मीदवारों में से हुआ चयन
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए 5,000 से अधिक संभावित उम्मीदवारों में से चुना गया है। भारतीय वायु सेना में वरिष्ठ अधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके मिश्रा को प्रशासनिक अनुभव और प्रबंधन क्षमता के आधार पर इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया।
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उन्हें CEO बनाए जाने का फैसला मंदिर के संचालन को और अधिक संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में उठाया गया कदम है। अब मंदिर से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कार्यों के संचालन में CEO की भूमिका अहम होगी।
ट्रस्ट के सामने राम मंदिर के भव्य निर्माण के साथ-साथ आने वाले समय में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मंदिर परिसर के व्यापक प्रबंधन की बड़ी चुनौती भी है। ऐसे में CEO के पद पर एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जल्द अयोध्या में शिफ्ट होंगे जितेंद्र मिश्रा
ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुसार, जितेंद्र मिश्रा अब जल्द ही अयोध्या में शिफ्ट होकर नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे। अयोध्या में रहकर मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करने से निर्णय लेने की प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
CEO की जिम्मेदारी केवल कार्यालयी कामकाज तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर वित्तीय प्रबंधन और कर्मचारियों से जुड़े मामलों तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निगरानी करनी होगी।
ट्रस्ट के सामने आने वाले समय में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने, व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने और मंदिर से जुड़े विभिन्न विभागों के कामकाज में बेहतर तालमेल स्थापित करने की चुनौती होगी। CEO इस पूरी व्यवस्था में एक प्रमुख समन्वयकारी भूमिका निभाएंगे।
मंदिर प्रशासन से लेकर वित्तीय व्यवस्था तक बड़ी जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्रा के सामने सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा, कर्मचारियों का प्रशासन, भक्तों की सुविधाएं और विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच समन्वय शामिल है।
राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना, श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और मंदिर परिसर की सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना लगातार प्राथमिकता का विषय है।
इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्थाओं को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संचालित करना भी CEO की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल होगा। मंदिर से जुड़े विभिन्न कार्यों और योजनाओं में कई विभागों तथा एजेंसियों की भूमिका रहती है। इनके बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना भी CEO के काम का अहम हिस्सा होगा।
भारतीय वायु सेना में वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर काम कर चुके जितेंद्र मिश्रा का प्रशासनिक अनुभव इन जिम्मेदारियों में उपयोगी साबित हो सकता है। ट्रस्ट को उम्मीद है कि उनके अनुभव से मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पेशेवर और प्रभावी स्वरूप दिया जा सकेगा।
नए ट्रस्टियों की नियुक्ति से संचालन समिति भी हुई मजबूत
CEO की नियुक्ति के साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए सदस्यों को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं। महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव को नए ट्रस्टी के रूप में नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के साथ मंदिर की संचालन समिति में खाली पड़े तीन पदों को भरा गया है।
वहीं स्वामी गोविंद देव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही महेश भागचंदका ने मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष का पद संभाला है।
इस तरह ट्रस्ट के स्तर पर एक ओर जहां CEO की नियुक्ति के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर नए ट्रस्टियों और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देकर संचालन व्यवस्था को भी विस्तार दिया गया है।
अब पेशेवर प्रबंधन पर बढ़ेगा जोर
राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ी है। मंदिर अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी गतिविधियों का केंद्र भी बन चुका है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, कर्मचारियों की व्यवस्था और वित्तीय संचालन जैसे कई मोर्चों पर एक साथ काम करना पड़ता है।
ऐसे में CEO की नियुक्ति को मंदिर प्रशासन के कामकाज में पेशेवर प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
जितेंद्र मिश्रा के सामने आने वाले समय में मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित करने के साथ-साथ ट्रस्ट की योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी होगी। अयोध्या में उनकी नियमित मौजूदगी से मंदिर प्रशासन और स्थानीय स्तर की व्यवस्थाओं के बीच समन्वय भी बेहतर होने की उम्मीद है।
योगी की मौजूदगी में नई व्यवस्था की शुरुआत
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में जितेंद्र मिश्रा की नई जिम्मेदारी की शुरुआत होना भी खास रहा। मुख्यमंत्री ने जहां रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना की, वहीं मंदिर ट्रस्ट के नए CEO और अन्य पदाधिकारियों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO का पद पहली बार सृजित किए जाने के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह मंदिर के संचालन को प्रभावित करती है। अयोध्या में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए ट्रस्ट के सामने व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने की चुनौती है।
जितेंद्र मिश्रा के सामने अब इसी चुनौती को प्रशासनिक अनुभव और प्रबंधन क्षमता के साथ पूरा करने की जिम्मेदारी है। मंगलवार को पदभार संभालने के साथ ही राम मंदिर प्रशासन में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है।














