गाजीपुर। प्रख्यात पत्रकार, कथाकार, उपन्यासकार एवं गाजीपुर टाइम्स के संपादक रहे रामावतार शर्मा की जयंती पर मंगलवार को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित पुस्तक ‘स्मृतियों के झरोखे से मूर्धन्य साहित्यकार रामावतार’ का विमोचन किया गया। सुखदेवपुर स्थित तथागत कैलाश जानकी इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा एवं सांसद डा. संगीता बलवंत ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया।
पुस्तक का संपादन डा. गजाधर शर्मा ‘गंगेश’ ने किया है, जबकि लाल बिहारी शर्मा ‘अनन्त’ ने रामावतार शर्मा से जुड़ी स्मृतियों को संकलित कर इसे आकार दिया है। पुस्तक में उनके साहित्यिक जीवन, पत्रकारिता, व्यक्तित्व और रचनात्मक योगदान को संस्मरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि रामावतार शर्मा केवल पत्रकार और कथाकार नहीं, बल्कि समाज एवं मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी लेखनी के धनी साहित्यकार थे। उनका साहित्यिक और पत्रकारिता का योगदान गाजीपुर की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सांसद डा. संगीता बलवंत ने कहा कि रामावतार शर्मा ने साहित्य और पत्रकारिता के माध्यम से समाज के विभिन्न पक्षों को प्रभावी अभिव्यक्ति दी। उनकी रचनात्मक यात्रा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
प्रसिद्ध साहित्यकार ऋचा राय ने कहा कि रामावतार शर्मा की रचनाओं में मुंशी प्रेमचंद का भाव और जैनेंद्र कुमार की वैचारिक स्थिरता दिखाई देती है। उनके लेखन में यथार्थ, मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार का सुंदर समन्वय मिलता है।
पत्रकार राम नगीना कुशवाहा ने उन्हें साहित्य और पत्रकारिता के बीच मजबूत सेतु बताया। कार्यक्रम की शुरुआत चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन से हुई। वक्ताओं ने संस्मरण साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पौत्र सत्यम शर्मा ने आभार व्यक्त किया। अध्यक्षता प्रो. रामबदन राय तथा संचालन सुदामा राम विश्वकर्मा ने किया। समारोह में साहित्यकार, पत्रकार, शिक्षाविद और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।














