बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। फरवरी 2026 में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने बैठक है। इससे पहले मार्च में दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के रुख को दोहराते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। मोदी ने ईरान समेत पूरे क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके कल्याण को भारत की प्राथमिकता बताया।
ऊर्जा और व्यापार की निर्बाध आवाजाही पर जोर
मोदी और पेजेशकियन की बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक आवाजाही का मुद्दा भी अहम रहा। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा तथा जरूरी सामान की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
ईरान के साथ भारत के संबंधों को देखते हुए यह मुलाकात रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्र में लंबे समय से जारी तनाव के बीच भारत लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ते से समाधान तलाशने की अपील करता रहा है।
मोदी-पाशिनयान की भी अहम बैठक
SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से भी द्विपक्षीय मुलाकात की। जून 2026 में आर्मेनिया में हुए चुनावों के बाद पाशिनयान के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने पाशिनयान को चुनावी जीत और दोबारा प्रधानमंत्री पद संभालने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने भारत और आर्मेनिया के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
रक्षा से लेकर फार्मा और टेक्नोलॉजी तक सहयोग पर चर्चा
बैठक में रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, खनन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई।
दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में भारत-आर्मेनिया संबंधों में हुए विस्तार पर संतोष जताया और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
पश्चिम एशिया और आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौता भी एजेंडे में
मोदी और पाशिनयान ने पश्चिम एशिया समेत विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए संवाद एवं कूटनीति के जरिए लगातार प्रयास जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया।
वहीं, पाशिनयान ने प्रधानमंत्री मोदी को आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के क्रियान्वयन की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी।
SCO में बढ़ी कूटनीतिक हलचल
बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की ईरान और आर्मेनिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई मुलाकातें ऐसे समय हुई हैं, जब पश्चिम एशिया की स्थिति वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मोदी की इन बैठकों में शांति, कूटनीति, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर जोर भारत की क्षेत्रीय कूटनीति की प्राथमिकताओं को सामने रखता है।














