नोएडा। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह और कलाई पर बंधने वाले रेशमी धागे का पर्व नहीं है, बल्कि यह विश्वास, प्रेम, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावनाओं को मजबूत करने वाला पावन अवसर भी है। इसी भावना के साथ सेक्टर-105, नोएडा आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने रक्षाबंधन के अवसर पर देश की समस्त माताओं एवं बहनों को अनंत शुभकामनाएं देते हुए नारी शक्ति के सम्मान और सुरक्षा को समाज की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन की परंपरा सदियों से रिश्तों में विश्वास और अपनत्व का संदेश देती आई है। बदलते समय में इस पर्व का अर्थ और भी व्यापक हो गया है। आज जरूरत केवल बहन की रक्षा का वचन देने की नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला के सम्मान, स्वाभिमान, अधिकार और सुरक्षित जीवन के लिए सामूहिक संकल्प लेने की है।
“रक्षाबंधन धागे से अधिक, दिलों और जिम्मेदारियों को जोड़ने वाला पर्व”
दिव्य कृष्णात्रेय ने अपने संदेश में कहा कि रक्षाबंधन रेशमी धागों में पिरोया ऐसा अनमोल सूत्र है, जो दिलों को जोड़ने के साथ-साथ हमें अपने नैतिक और सामाजिक दायित्वों का भी बोध कराता है। बहन की कलाई पर बांधा गया रक्षा सूत्र केवल भाई की जिम्मेदारी का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने का संदेश भी देता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य और समृद्ध समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां महिलाओं को कितना सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्राप्त है। महिलाओं की मुस्कान, उनका निःस्वार्थ स्नेह और उनका आशीर्वाद परिवारों के साथ-साथ पूरे समाज की वास्तविक ताकत है। इसलिए नारी शक्ति का सम्मान केवल किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार का हिस्सा बनना चाहिए।
सेक्टर-105 की बहनों के लिए सुरक्षा और सम्मान का संकल्प
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने सेक्टर-105 की बहनों और महिला निवासियों के प्रति विशेष अपनत्व व्यक्त करते हुए कहा कि सेक्टर का पूरा आरडब्ल्यूए परिवार उनकी सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए केवल प्रशासनिक व्यवस्था संभालने वाली संस्था नहीं, बल्कि सेक्टर के प्रत्येक निवासी के सुख-दुख में साथ खड़ा रहने वाला परिवार है।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि सेक्टर-105 को महिलाओं के लिए भयमुक्त, सुरक्षित, गरिमापूर्ण और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे। महिलाओं और बेटियों को अपने आसपास सुरक्षित महसूस हो तथा वे बिना किसी भय के शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ सकें, यह पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि सुरक्षा का अर्थ केवल किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसा सामाजिक वातावरण तैयार करना है जहां महिलाओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो। इसके लिए परिवार, समाज, आरडब्ल्यूए, प्रशासन और प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका ईमानदारी से निभानी होगी।
“बहनों के सपनों को पंख देना भी हमारी जिम्मेदारी”
उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर देशवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस बार रक्षा सूत्र के साथ एक और संकल्प लिया जाना चाहिए—देश की हर बेटी और हर महिला को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर वातावरण देने का।
उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके सपनों को उड़ान देना भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षा, रोजगार, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की स्वतंत्रता महिलाओं को मजबूत बनाती है और मजबूत महिलाएं मजबूत परिवार एवं मजबूत राष्ट्र का निर्माण करती हैं।
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि हमें अपने घर से ही बदलाव की शुरुआत करनी होगी। बेटियों को बेटों के समान अवसर, महिलाओं को सम्मान और उनके विचारों को उचित स्थान देकर ही एक स्वस्थ सामाजिक व्यवस्था का निर्माण संभव है। रक्षाबंधन का पर्व हमें इसी दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
नारी सम्मान बने सामाजिक संस्कार
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून और व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संस्कार का भी प्रश्न है। बच्चों और युवाओं में शुरू से ही महिलाओं के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और समानता की भावना विकसित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब परिवारों में बेटियों को समान अधिकार मिलेंगे, समाज में महिलाओं की आवाज को सम्मान मिलेगा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, तभी रक्षाबंधन जैसे पर्व की वास्तविक भावना सार्थक होगी।
उन्होंने देश की समस्त नारी शक्ति को नमन करते हुए कहा कि माताएं, बहनें और बेटियां समाज की आधारशिला हैं। उनके योगदान को किसी एक रिश्ते या भूमिका तक सीमित नहीं किया जा सकता। वे परिवार, शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, उद्योग, विज्ञान, खेल और प्रत्येक क्षेत्र में देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
रक्षाबंधन पर पूरे देश के लिए शुभकामनाएं
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास और रिश्तों को मजबूत करने का पर्व है। यह अवसर हमें याद दिलाता है कि समाज में एक-दूसरे की सुरक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि इस रक्षाबंधन पर केवल अपनी बहन की रक्षा का संकल्प न लें, बल्कि अपने आसपास रहने वाली प्रत्येक महिला के सम्मान और सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान जितना मजबूत होगा, समाज उतना ही सुरक्षित, संवेदनशील और विकसित बनेगा।
उन्होंने सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए की ओर से सभी निवासियों और देशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि रक्षाबंधन की असली सार्थकता तभी है, जब कलाई पर बंधा रक्षा सूत्र हमारे व्यवहार, सोच और सामाजिक जिम्मेदारियों में भी दिखाई दे। यही इस पावन पर्व का वास्तविक संदेश है और यही एक सुरक्षित, सम्मानपूर्ण एवं सशक्त समाज की नींव भी है।














