“एनसीएफ आपके द्वार’ अभियान के तहत सेक्टर-150 पहुँची टीम, वर्षों से लंबित रजिस्ट्री, ओसी और बदहाल सुविधाओं पर फूटा निवासियों का गुस्सा”
नोएडा: नोएडा के सेक्टर-150 स्थित महागुन मिडोज सोसाइटी में रहने वाले सैकड़ों फ्लैट खरीदार आज भी अपने ही घर में असुरक्षा, अनिश्चितता और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का जीवन जीने को मजबूर हैं। जीवन भर की जमा-पूंजी लगाकर घर खरीदने वाले इन परिवारों का कहना है कि उन्हें सिर पर छत तो मिल गई, लेकिन आज भी वे अपने वैध अधिकारों और सामान्य सुविधाओं के लिए बिल्डर के सामने बार-बार गुहार लगाने को विवश हैं। वर्षों बीत जाने के बावजूद न फ्लैटों की रजिस्ट्री हो सकी है और न ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) मिला है। अधूरी सुविधाओं, जर्जर होती इमारतों और बिल्डर की कथित उदासीनता के बीच निवासियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।
इन्हीं समस्याओं को समझने और उन्हें एक प्रभावी मंच देने के उद्देश्य से शनिवार को नौएडा सिटीजन फोरम (एनसीएफ) की टीम अपने “एनसीएफ आपके द्वार” अभियान के तहत महागुन मिडोज पहुँची। यहां आयोजित संवाद बैठक में बड़ी संख्या में निवासियों ने खुलकर अपनी पीड़ा साझा की और वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
‘घर हमारा, लेकिन अधिकार अधूरे’
बैठक के दौरान कई निवासी भावुक हो उठे। उनका कहना था कि उन्होंने जीवन की पूरी कमाई अपने परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने के लिए घर खरीदने में लगा दी, लेकिन आज स्थिति यह है कि अपने ही फ्लैट में रहते हुए भी उन्हें हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए बिल्डर के भरोसे रहना पड़ रहा है।
निवासियों ने कहा कि वर्षों से सोसाइटी में रहने के बावजूद फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट का अभाव भी एक बड़ी चिंता बना हुआ है। ऐसे में भविष्य को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी रहती है। उनका कहना था कि घर खरीदने के समय जो सुविधाएं और वादे किए गए थे, वे आज तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सके।
जर्जर होती इमारतें, झड़ रहा प्लास्टर, बढ़ती चिंता
संवाद बैठक में निवासियों ने सोसाइटी की भौतिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जगह-जगह से प्लास्टर झड़ रहा है और कई हिस्सों में रखरखाव का अभाव साफ दिखाई देता है। सामान्य मरम्मत और मेंटेनेंस के कार्य भी समय पर नहीं किए जाते, जिससे इमारत की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
निवासियों का आरोप था कि कई बार शिकायत करने और ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद बिल्डर समस्याओं के स्थायी समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिखता। इससे लोगों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है।
विरोध करने पर आवश्यक सेवाओं में कटौती का आरोप
बैठक में एक और गंभीर मुद्दा सामने आया। कई निवासियों ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन या विरोध दर्ज कराते हैं, तब सोसाइटी में सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग और अन्य आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं में कटौती कर दी जाती है। इससे सामान्य जीवन प्रभावित होता है और लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।
निवासियों ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी समस्याओं को उठाना उनका अधिकार है। यदि इसके बदले मूलभूत सेवाओं को प्रभावित किया जाता है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है।
‘हर जगह गए, लेकिन मिला सिर्फ आश्वासन’
बैठक में मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात की। अनेक बार ज्ञापन दिए गए और शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है।
उनका कहना था कि वर्षों तक इंतजार करने के बाद भी यदि नागरिकों को अपने वैध अधिकार नहीं मिलते तो व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है।
‘यह सिर्फ एक सोसाइटी का नहीं, नागरिक अधिकारों का सवाल’
बैठक को संबोधित करते हुए नौएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्षा शालिनी सिंह ने कहा कि किसी भी नागरिक को अपने वैध अधिकारों के लिए वर्षों तक संघर्ष करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फ्लैट खरीदारों की समस्याएं केवल एक सोसाइटी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे शहर में नागरिक अधिकारों, जवाबदेही और सुशासन से जुड़ा एक गंभीर विषय बन चुका है।
उन्होंने कहा कि यदि लोग अपनी मेहनत की कमाई से घर खरीदने के बाद भी रजिस्ट्री, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नौएडा सिटीजन फोरम इन मुद्दों को संबंधित विभागों, नोएडा प्राधिकरण और शासन स्तर तक मजबूती से उठाएगा तथा समाधान होने तक निवासियों के साथ खड़ा रहेगा।
समस्याओं का तैयार होगा विस्तृत दस्तावेज
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि महागुन मिडोज की सभी समस्याओं का एक विस्तृत दस्तावेज तैयार किया जाएगा। इसमें रजिस्ट्री, ओसी, रखरखाव, निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े सभी मुद्दों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद इस रिपोर्ट को संबंधित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्राधिकरण के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित कराया जा सके।
एनसीएफ का मानना है कि तथ्यों और दस्तावेजों के साथ यदि मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखा जाए तो समाधान की दिशा में प्रभावी पहल संभव हो सकती है।
‘एनसीएफ आपके द्वार’ अभियान का उद्देश्य
नौएडा सिटीजन फोरम ने स्पष्ट किया कि “एनसीएफ आपके द्वार” अभियान केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य शहर की प्रत्येक सोसाइटी, सेक्टर और गांव तक पहुंचकर नागरिकों की वास्तविक समस्याओं को समझना, उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराना और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास करना है।
फोरम का कहना है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों से लगातार फ्लैट खरीदारों, आरडब्ल्यूए और आम नागरिकों की समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में जमीनी स्तर पर संवाद स्थापित कर समस्याओं को व्यवस्थित रूप से संबंधित विभागों तक पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
बड़ी तस्वीर: फ्लैट खरीदारों की बढ़ती चुनौती
महागुन मिडोज का मामला केवल एक सोसाइटी की समस्या नहीं माना जा रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की अनेक आवासीय परियोजनाओं में रजिस्ट्री, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, अधूरी सुविधाओं और रखरखाव जैसे मुद्दे लंबे समय से विवाद का कारण बने हुए हैं। हजारों परिवार ऐसे हैं जो वर्षों पहले फ्लैट खरीद चुके हैं, लेकिन आज भी अपने वैध अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
महागुन मिडोज में आयोजित यह बैठक इसी व्यापक समस्या की एक तस्वीर भी सामने लेकर आई, जहां लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध और ठोस कार्रवाई चाहिए।
बैठक में नौएडा सिटीजन फोरम के पदाधिकारी प्रशांत त्यागी, चक्रधर मिश्रा, गरिमा त्रिपाठी और प्रदीप यादव सहित सोसाइटी के निवासी सुधीर सिंह डोगरा, डॉ. वंदना सिंह, पारूल गर्ग, ऋति कश्यप, सुश्मित कश्यप, चंदन कुमार और तेजवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।














