ग्रेटर नोएडा वेस्ट, समाज में सेवा और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए ईएमसीटी (एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट) ने एनी ब्यूटी सैलून के सहयोग से शनिवार को प्राथमिक विद्यालय, बिसरख में वंचित बच्चों के लिए निःशुल्क हेयर कटिंग एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान आयोजित किया। स्कूल क्लीनिंग एवं हाइजीन ड्राइव के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बच्चों के बाल निःशुल्क काटे गए और उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं अच्छी आदतों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बरसात के मौसम में संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने को देखते हुए आयोजित इस अभियान का उद्देश्य केवल बच्चों की हेयर कटिंग कराना नहीं था, बल्कि उनमें साफ-सफाई के प्रति जागरूकता पैदा कर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर नई हेयर कटिंग के साथ आत्मविश्वास और खुशी साफ दिखाई दी।
‘स्वच्छता ही सबसे बड़ी सुरक्षा’ का दिया संदेश
अभियान के दौरान बच्चों को बताया गया कि नियमित रूप से हाथ धोना, नाखून साफ रखना, समय-समय पर बाल कटवाना, साफ कपड़े पहनना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना कई संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।
ईएमसीटी की संस्थापक रश्मि पांडेय ने कहा कि बरसात के मौसम में बच्चों में संक्रमण, त्वचा संबंधी समस्याएं और अन्य बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। ऐसे समय में स्वच्छता की आदतें बच्चों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि बचपन से ही बच्चों में साफ-सफाई की आदत विकसित कर दी जाए तो यह उनके संपूर्ण व्यक्तित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बन सकती है।
उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि समाज के उन बच्चों तक आवश्यक सुविधाएं और जागरूकता पहुंचाना है जो संसाधनों के अभाव में ऐसी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
बच्चों के चेहरों पर दिखी खुशी और आत्मविश्वास
कार्यक्रम का संचालन ईएमसीटी की सक्रिय सदस्य एवं एनी ब्यूटी पार्लर की संस्थापक अनामिका ने किया। उन्होंने स्वयं बच्चों की हेयर कटिंग कर अभियान का नेतृत्व किया। उनके साथ सैलून की सहयोगी नेहा और सुचित्रा ने भी पूरे समर्पण और उत्साह के साथ बच्चों को निःशुल्क हेयर कटिंग सेवा प्रदान की।
नई हेयर कटिंग के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी, उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। कई बच्चों ने पहली बार किसी पेशेवर सैलून विशेषज्ञ से हेयर कटिंग कराई, जिससे वे बेहद उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को स्वच्छ रहने, नियमित रूप से बाल कटवाने और साफ-सुथरे रहने के फायदे भी सरल भाषा में समझाए गए।
‘अच्छी आदतें ही बनाती हैं बेहतर भविष्य’
अनामिका ने कहा कि बरसात के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। यदि बच्चे छोटी उम्र से ही व्यक्तिगत स्वच्छता की अच्छी आदतें अपनाते हैं तो वे न केवल बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं बल्कि उनका मानसिक और शारीरिक विकास भी बेहतर होता है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक दायित्व निभाते हुए ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि जरूरतमंद बच्चों तक स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मविश्वास का संदेश पहुंच सके।
विद्यालय प्रशासन ने की पहल की सराहना
इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय, बिसरख के प्रधानाचार्य इकरार खान, अध्यापिका शालिनी तथा सरोज मौर्य भी उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने ईएमसीटी और एनी ब्यूटी सैलून की इस सामाजिक पहल की मुक्तकंठ से सराहना की।
प्रधानाचार्य इकरार खान ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में स्वच्छता और अनुशासन की आदत विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे अभियान बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज की संस्थाएं इसी तरह विद्यालयों से जुड़कर कार्य करें तो बच्चों का समग्र विकास और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
सेवा के माध्यम से सामाजिक बदलाव की पहल
ईएमसीटी लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित करती रही है। संस्था का मानना है कि छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। इसी सोच के साथ यह अभियान आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को केवल निःशुल्क सेवा ही नहीं मिली, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्तिगत स्वच्छता बच्चों को संक्रमण, त्वचा रोग और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे अभियान न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि बच्चों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी विकसित करते हैं।
बरसात के मौसम में आयोजित यह पहल इस बात का उदाहरण बनी कि सामाजिक संस्थाएं, निजी संस्थान और विद्यालय यदि मिलकर काम करें तो वंचित बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। ईएमसीटी की यह पहल न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गई कि स्वच्छता, सेवा और संवेदनशीलता ही एक स्वस्थ एवं सशक्त भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला हैं।














