मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार, 7 जुलाई के लिए नासिक जिले में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और पिछले पांच दिनों में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
नासिक में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज और प्रमुख मंदिर बंद
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद नासिक जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, पेठ, दिंडोरी और नासिक ग्रामीण क्षेत्र की सभी स्कूलों और कॉलेजों में 7 जुलाई का अवकाश घोषित कर दिया है। इन क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक बाजार भी बंद रहेंगे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए त्र्यंबकेश्वर मंदिर और सप्तशृंगी मंदिर को भी एक दिन के लिए दर्शनार्थ बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
300 मिमी तक बारिश और क्लाउडबर्स्ट की आशंका
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार नासिक के कुछ हिस्सों में 300 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और राहत-बचाव की सभी तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
राहत-बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार
नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने बताया कि संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलेन और अन्य भारी मशीनें तैनात कर दी गई हैं। जरूरत पड़ने पर सेना की सहायता लेने के लिए भी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है। किसानों को भी खराब मौसम के दौरान खेतों में न जाने की सलाह दी गई है।
पांच दिनों में 21 लोगों की मौत
लगातार बारिश के कारण महाराष्ट्र में पिछले पांच दिनों के दौरान विभिन्न हादसों में 21 लोगों की जान जा चुकी है। कई जिलों में तेज बारिश, जलभराव और नदियों-नालों के उफान पर आने से स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
पनवेल में झरने में नहाने गए दो युवक बह गए
रायगढ़ जिले के पनवेल स्थित गाडेश्वर बांध क्षेत्र में झरने में नहाने गए दो युवक अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। एक युवक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश में पुलिस और बचाव दल का सर्च ऑपरेशन जारी है।
भिवंडी में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश का सबसे अधिक असर भिवंडी में देखने को मिला, जहां तीनबत्ती क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया। कई स्थानों पर लोगों को कमर तक पानी में होकर गुजरना पड़ा। बारिश का पानी दुकानों में घुसने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
नालों की सफाई पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि समय पर नालों की सफाई नहीं होने के कारण जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। कई जगहों पर मेनहोल से पानी उफनकर सड़कों पर बहता नजर आया। जबकि भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका ने दावा किया था कि अधिकांश नालों की सफाई मानसून से पहले पूरी कर ली गई थी।
मुख्यमंत्री ने की आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष का दौरा कर मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने राज्यभर में बारिश की स्थिति, मौसम विभाग के पूर्वानुमान और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार नासिक समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में अगले 24 घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और मौसम संबंधी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।














