लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में सबसे ज्यादा चर्चा शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर ‘भगवान परशुराम पुरी’ किए जाने की रही। सरकार का कहना है कि यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है और लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों की ओर से नाम परिवर्तन की मांग की जा रही थी।
सरकार के अनुसार, जलालाबाद का नाम मुगल सम्राट अकबर (जलाल-उद-दीन मुहम्मद अकबर) के नाम पर रखा गया था। वर्ष 2016 से इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
स्टार्टअप मिशन और नई नीतियों को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना को मंजूरी दी। साथ ही उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 को भी स्वीकृति दी गई।
सरकार का मानना है कि इन नीतियों से राज्य में निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और तकनीकी क्षेत्र को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना लागू
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी। यह योजना राज्य के सभी 75 जिलों में लागू होगी।
VIDEO | Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath (@myogiadityanath) chairs Cabinet meeting.
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— Press Trust of India (@PTI_News) July 6, 2026
योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसान, पशुपालक और डेयरी संचालक अपने पशुओं का बीमा करा सकेंगे, ताकि महामारी, दुर्घटना, अपंगता या मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सके। बीमा प्रीमियम में 85 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि 15 प्रतिशत योगदान लाभार्थी का होगा।
श्रमिकों के लिए अस्पताल और मेडिकल कॉलेज
कैबिनेट ने श्रमिकों के स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी अहम निर्णय लिए। इसके तहत:
- गोरखपुर में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी।
- मुरादाबाद में 100 बेड के अस्पताल हेतु 5 एकड़ भूमि दी जाएगी।
- वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 13 एकड़ भूमि केंद्र सरकार को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में 50 प्रतिशत एमबीबीएस सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा 18 प्रतिशत सीटों पर राज्य सरकार और 7 प्रतिशत सीटों पर केंद्र सरकार के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।
विभागों के प्रभार में बदलाव
कैबिनेट के निर्णयों के तहत सुनील शर्मा को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि धर्मपाल सिंह को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग और अनिल राजभर को श्रम एवं सेवायोजन विभाग का प्रभार दिया गया है।
इन फैसलों के जरिए योगी सरकार ने प्रशासनिक पुनर्गठन, निवेश, रोजगार, स्वास्थ्य और कृषि-पशुपालन जैसे क्षेत्रों में कई नई पहल शुरू करने का संकेत दिया है।














