“13 निरीक्षकों के तबादले में सबसे ज्यादा चर्चा नॉलेज पार्क कोतवाली की, नए प्रभारी को मिली कमान”
ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सोमवार को 13 निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। इस तबादला सूची में सबसे अधिक चर्चा नॉलेज पार्क कोतवाली की रही, जहां के थाना प्रभारी सर्वेश सिंह को हटाकर एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) भेज दिया गया। उनकी जगह पुलिस लाइन में तैनात संजय कुमार को नॉलेज पार्क कोतवाली की कमान सौंपी गई है।
हालांकि पुलिस विभाग ने इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है, लेकिन यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नॉलेज पार्क कोतवाली लगातार दो बड़े विवादों को लेकर चर्चा के केंद्र में रही।
युवराज प्रकरण के बाद बढ़े सवाल
नॉलेज पार्क कोतवाली हाल ही में आईटी इंजीनियर युवराज से जुड़े मामले को लेकर सुर्खियों में आई थी। युवराज द्वारा कथित रूप से नहर में कूदकर जान देने की कोशिश के बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया था।
घटनाक्रम के बाद पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठे। मामले में मोनिंदर और उसके भाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं होती रहीं। इस घटना के बाद से ही नॉलेज पार्क कोतवाली की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
किसान सभा ने लगाया अवैध हिरासत और अभद्र व्यवहार का आरोप
इसी बीच नॉलेज पार्क कोतवाली एक और विवाद में घिर गई। भारतीय किसान सभा ने आरोप लगाया कि संगठन के नेता प्रशांत भाटी और मोहित नागर को पुलिस ने बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के अवैध रूप से हिरासत में रखा।
संगठन का कहना है कि जिला बजाज कॉलेज प्रबंधन की कथित मनमानी और एडमिशन के नाम पर अवैध वसूली के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी चल रही थी। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
डीसीपी से मिले किसान नेता, कार्रवाई की मांग
घटना के विरोध में भारतीय किसान सभा का प्रतिनिधिमंडल डीसीपी ग्रेटर नोएडा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। किसान सभा का यह भी दावा है कि उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को रिहा कर दिया।
लगातार दो विवादों के बाद हुआ तबादला
इन्हीं घटनाओं के बीच जारी हुई तबादला सूची में नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह को हटा दिया गया। उनकी जगह संजय कुमार को नया थाना प्रभारी बनाया गया है। हालांकि तबादला आदेश में किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन लगातार सामने आए विवादों के कारण इस बदलाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
अन्य थानों में भी हुए बदलाव
तबादला सूची के अनुसार सेक्टर-142 थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्र को पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं अन्य कई निरीक्षकों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें कासना, सूरजपुर, जेवर, शिकायत प्रकोष्ठ, आईटी सेल और साइबर क्राइम थाना सहित कई इकाइयों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
क्या यह सिर्फ नियमित तबादला है या जवाबदेही का संदेश?
पुलिस विभाग इसे सामान्य प्रशासनिक फेरबदल बता रहा है, लेकिन जिस समय यह निर्णय लिया गया, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर आईटी इंजीनियर युवराज प्रकरण ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ी, तो दूसरी ओर भारतीय किसान सभा ने अवैध हिरासत और अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए। ऐसे में लगातार विवादों के बीच नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी का हटाया जाना इस बात की चर्चा को और तेज कर रहा है कि क्या पुलिस नेतृत्व ने जवाबदेही तय करने और व्यवस्था में सुधार का संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है।














