Sunday, June 28, 2026
Your Dream Technologies
HomeInternationalयूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी: 40°C के पार पारा, फ्रांस में 1000+ मौतें,...

यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी: 40°C के पार पारा, फ्रांस में 1000+ मौतें, पूरे महाद्वीप में रेड अलर्ट

पेरिस/ब्रसेल्स: यूरोप इस समय भीषण हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड और कई अन्य देशों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। फ्रांस में पिछले 10 दिनों के दौरान गर्मी से 1,000 से अधिक लोगों की मौत होने की शुरुआती पुष्टि हुई है, जिनमें अधिकांश 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग हैं।

फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, यह आंकड़ा सामान्य मृत्यु दर की तुलना में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतों को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक भी हो सकती है, क्योंकि कई मामलों की जांच अभी जारी है।

सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों पर

हीटवेव का सबसे गंभीर प्रभाव फ्रांस के उन क्षेत्रों में देखा गया जहां रेड हीट अलर्ट लागू था। लगभग 85 प्रतिशत मौतें 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की हुईं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की थी जो अपने घरों में अकेले रह रहे थे। राजधानी पेरिस और उसके आसपास के इलाकों में स्थिति सबसे चिंताजनक बनी हुई है।

अस्पतालों पर बढ़ा दबाव

भीषण गर्मी के कारण फ्रांस की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ गया है। पेरिस के सरकारी अस्पतालों में लगातार दूसरे दिन लगभग 3,000 मरीज इमरजेंसी विभाग पहुंचे, जो सामान्य दिनों की तुलना में करीब एक-तिहाई अधिक हैं। बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए सभी 38 सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है।

पूरे यूरोप में टूटा तापमान का रिकॉर्ड

सिर्फ फ्रांस ही नहीं, बल्कि जर्मनी, डेनमार्क, चेक गणराज्य, ब्रिटेन और स्विट्जरलैंड में भी जून महीने के तापमान के नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं। कई देशों में रेल सेवाएं प्रभावित हुईं, सड़कें गर्मी से क्षतिग्रस्त हो गईं और बिजली व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव देखने को मिला।

स्पेन में भी बढ़ा मौतों का आंकड़ा

स्पेन सरकार ने भी पिछले 10 दिनों में 327 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मौसम विभाग का कहना है कि गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

2003 की त्रासदी की याद

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हीटवेव कई जगहों पर 2003 की ऐतिहासिक यूरोपीय हीटवेव से भी अधिक तापमान दर्ज करा रही है। वर्ष 2003 में केवल फ्रांस में लगभग 15,000 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि इस बार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और पहले से की गई तैयारियों के कारण नुकसान को सीमित रखने की कोशिश की जा रही है।

क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी?

जलवायु वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भीषण हीटवेव के पीछे वैश्विक जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और अल नीनो प्रभाव प्रमुख कारण हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मानव गतिविधियों से बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग के बिना इतनी तीव्र और लंबे समय तक चलने वाली हीटवेव की संभावना बेहद कम थी।

WHO की सलाह

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने लोगों से दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने तथा हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button