गाजीपुर – चर्चित विनीत राय हत्याकांड में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। होटल कारोबारी आलोक राय के बेटे विनीत राय की हत्या के आरोपी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद और एसटीएफ के बीच सदर कोतवाली क्षेत्र के कुर्था इलाके में मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान कमलेश चौधरी गोली लगने से घायल हो गया जिसे अब मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि स्वाट टीम प्रभारी रोहित मिश्रा भी गोली लगने से जख्मी हुए हैं।
दो दिन से गाजीपुर में डेरा डाले थी STF
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ एसटीएफ पिछले दो दिनों से गाजीपुर में सक्रिय थी और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। एक दिन पहले ही वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने इस मामले के चार नामजद आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
होटल के बाहर हुई थी सनसनीखेज हत्या
शुक्रवार रात करीब 11 बजे बिंदु होटल के बाहर चार नकाबपोश बदमाशों ने विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विनीत होटल से घर जाने के लिए निकल रहे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हमले में विनीत को हाथ और कमर में एक-एक गोली लगी, जबकि सीने में दो गोलियां मारी गईं। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बीयर खरीदने के बहाने पहुंचे थे बदमाश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो बाइक पर सवार चार बदमाश होटल पहुंचे और गार्ड से बीयर खरीदने की बात करने लगे। उन्होंने पहले 16 बीयर मांगी और ऑनलाइन भुगतान की बात कही। इसी दौरान विनीत होटल से बाहर निकले और अपनी कार की ओर बढ़े।
तभी बदमाशों ने पिस्टल निकालकर उन पर हमला कर दिया। विनीत जान बचाने के लिए भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा करते हुए उन्हें कई गोलियां मार दीं।
होटल का कारोबार संभाल रहे थे विनीत
29 वर्षीय विनीत राय एमएससी और डी.फार्मा की पढ़ाई पूरी करने के बाद परिवार के होटल व्यवसाय को संभाल रहे थे। वह होटल के आधुनिकीकरण और रेनोवेशन का काम भी देख रहे थे।
पिछले वर्ष 18 मई को उनकी शादी हुई थी। उनके परिवार में पत्नी और दो महीने की एक बेटी है। उनकी हत्या के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
शंकर पांडेय पर हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस जांच में शंकर पांडेय को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि रंगदारी नहीं मिलने के कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। विनीत के पिता आलोक राय ने कहा था कि वह हर साल करीब एक करोड़ रुपये टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका परिवार सुरक्षित नहीं है।
कौन है शंकर पांडेय?
पुलिस के अनुसार शंकर पांडेय क्षेत्र का कुख्यात अपराधी है और कथित तौर पर “कटरा गैंग” नाम से गिरोह संचालित करता है। इस गैंग पर अवैध वसूली, दबंगई और लूटपाट जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं।
जांच में सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संचालित होता था, जहां वारदातों की योजना बनाई जाती थी।
चार आरोपियों पर घोषित हुआ था इनाम
डीआईजी वैभव कृष्ण द्वारा जिन आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, उनमें शामिल हैं:
शंकर पांडेय
जगदीश सिंह यादव उर्फ सोनू यादव
आलोक दुबे
कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद
घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की थीं और करीब 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी।
राजनीतिक गलियारों में भी गूंजा मामला
विनीत राय हत्याकांड ने जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच के दौरान विभिन्न राजनीतिक घरानों के नामों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई थीं, जिससे यह हत्याकांड जिले में व्यापक चर्चा और बहस का विषय बन गया।
कोतवाल पर भी हुई कार्रवाई
हत्याकांड के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सदर कोतवाल महेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
फिलहाल एसटीएफ की कार्रवाई के बाद मामले में नई प्रगति हुई है और पुलिस शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही














