“विश्व मासिक धर्म स्वच्छता सप्ताह 2026 पर महिला स्वास्थ्य, सम्मान और कैंसर जांच को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित”
नई दिल्ली, 22 मई 2026। महिलाओं के स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और SHEWings Foundation ने विश्व मासिक धर्म स्वच्छता सप्ताह 2026 के अवसर पर नई दिल्ली स्थित NCW ऑडिटोरियम में एक विशेष राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से “Cancer Screening on Wheels” पहल की भी शुरुआत की गई।
इस मोबाइल स्वास्थ्य स्क्रीनिंग बस का उद्घाटन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया राहतकर, NHPC Women’s Club की अध्यक्ष शिखा गुप्ता तथा SHEWings Foundation के संस्थापक मदन मोहित भारद्वाज ने संयुक्त रूप से किया।
विशेष रूप से तैयार की गई यह मोबाइल स्क्रीनिंग यूनिट दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य करेगी। इसके माध्यम से महिलाओं को घर के आसपास ही सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच और जागरूकता सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने मासिक धर्म स्वच्छता, महिला सम्मान और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि देश की प्रत्येक महिला और किशोरी तक स्वास्थ्य सुविधाओं और मासिक धर्म से जुड़ी जागरूकता पहुंचाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर समाज में खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने कहा कि—
“पीरियड्स शर्म का विषय नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। समाज को चुप्पी से जागरूकता और कलंक से सम्मान की ओर बढ़ना होगा।”
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच और जागरूकता दोनों जरूरी हैं।
SHEWings Foundation के संस्थापक मदन मोहित भारद्वाज ने कहा कि “Cancer Screening on Wheels” पहल का उद्देश्य महिलाओं तक सीधे पहुंच बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण होगी जो नियमित स्वास्थ्य जांच तक आसानी से नहीं पहुंच पातीं।
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा भी आयोजित की गई, जिनमें—
मासिक धर्म स्वच्छता और जागरूकता
PCOS और हार्मोनल स्वास्थ्य
पोषण और मानसिक स्वास्थ्य
मासिक धर्म से जुड़े मिथक और सामाजिक वर्जनाएं
निवारक स्वास्थ्य सेवाएं
सर्वाइकल और स्तन कैंसर जागरूकता
महिलाओं और किशोरियों के लिए सहयोगात्मक वातावरण निर्माण
जैसे मुद्दे शामिल रहे।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें महिला स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का समापन #PeriodFriendlyWorldBy2030 के वैश्विक संकल्प के साथ किया गया। इस दौरान महिलाओं के लिए अधिक जागरूक, समावेशी, स्वास्थ्य-सुरक्षित और कलंक-मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के स्वास्थ्य, समय पर जांच और जागरूकता को प्राथमिकता देकर कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। ऐसे कार्यक्रम महिला स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।














