गाजीपुर – कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार द्वारा कार्यों की पर्याप्त जानकारी न देने पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने भविष्य में सभी अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान समय से सुनिश्चित कराने तथा सभी तहसीलों में नियमित रूप से बीएचएनडी बैठकों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनी रहे, ओपीडी का नियमित संचालन हो तथा सीएचओ और एएनएम की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों को स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यशीलता की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के दौरान निःशुल्क भोजन, दवा, ड्रॉप बैक सुविधा तथा 48 घंटे तक अस्पताल में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा ओपीडी, आईपीडी, एम्बुलेंस सेवा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, टीकाकरण, परिवार कल्याण कार्यक्रम, क्षय रोग नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और आभा आईडी की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी सुनील पांडेय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।














