बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला, जब सम्राट चौधरी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही उनके राज्य के पहले BJP मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। यह परिवर्तन नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ, जिन्होंने हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली है।
सम्राट चौधरी ने नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे राज्य और देश के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पार्टी की विचारधारा और “भारत सर्वोपरि” के सिद्धांत को आगे बढ़ाया जाएगा।
हालांकि इस राजनीतिक बदलाव के साथ ही विवाद भी तेज हो गया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब बिहार की सरकार “गुजरात से संचालित” होगी। उनका कहना है कि यह BJP की ओर से बिहार को दिया गया “पहला तोहफा” है।
किशोर ने बिना नाम लिए नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की “चाबी और रिमोट कंट्रोल” केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों में रहेगा। उन्होंने BJP के “आचरण, चरित्र और प्रतिष्ठा” के दावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि शीर्ष पद पर बैठने वाले व्यक्ति की इन मानकों पर गंभीर जांच होनी चाहिए।
उन्होंने राज्य में बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे को भी उठाया। किशोर का आरोप है कि बिहार के युवा रोजगार की तलाश में गुजरात सहित अन्य राज्यों में पलायन करते रहेंगे, जहां वे कम वेतन पर काम करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि “दूसरे राज्यों के लोग उद्योगों के मालिक बनेंगे, जबकि बिहार के लोग मजदूर बने रहेंगे।”
इसके साथ ही उन्होंने जनता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “लोगों ने अपने वोट के जरिए सिर्फ सरकार नहीं चुनी, बल्कि अपने बच्चों का भविष्य भी दांव पर लगा दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि जब तक बिहार के लोग खुद नहीं बदलेंगे, तब तक कोई नेता या पार्टी राज्य को नहीं सुधार सकती।
करीब 30 वर्षों के राजनीतिक अनुभव वाले सम्राट चौधरी 2015 से BJP के साथ जुड़े हुए हैं और संगठन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं। अब उनके सामने बिहार में विकास, रोजगार और पलायन जैसे बड़े मुद्दों से निपटने की चुनौती होगी।
बिहार की नई राजनीतिक परिस्थितियों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार इन आरोपों और अपेक्षाओं के बीच किस दिशा में आगे बढ़ती है।














