दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन पर दिल्लीवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है। महावीर स्वामी पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए सचदेवा ने देशवासियों को बैसाखी और डॉ. अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेज गति से विकास के नए आयाम छू रहा है और दिल्ली इस परिवर्तन की अहम केंद्र बनती जा रही है।
सचदेवा ने बताया कि लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बना 210 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली और उत्तर भारत के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि राजधानी में जाम की समस्या से भी बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के व्यापक विजन का हिस्सा है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में देशभर में बन रहे आधुनिक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क की भी सराहना की। सचदेवा के अनुसार, दिल्ली में इन दिनों लगभग 65,000 करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें से करीब 33,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 32,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। उन्होंने इसे दिल्ली के विकास के नए युग की शुरुआत बताया।
सचदेवा ने पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि गाजीपुर लैंडफिल से लगभग 10 लाख मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर उसे एक्सप्रेस-वे निर्माण में उपयोग किया गया है। उनके मुताबिक, यह “वेस्ट टू वेल्थ” का शानदार उदाहरण है और इससे यह साबित होता है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के बनने से दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हुआ है। लगभग 73,000 वाहन अब राजधानी में प्रवेश किए बिना ही अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं, जिससे समय की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आई है।
अपने संबोधन के अंत में सचदेवा ने “जय जय विकास पुरुष मोदी, जय भीम, जय संविधान” के नारे लगाए।
क्या बेहतर हुआ, जिस पर चर्चा होना जरूरी है:
इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ सड़क बनना नहीं है, बल्कि तीन स्तरों पर बदलाव है। पहला, दिल्ली-देहरादून रूट पर यात्रा तेज और सुगम होगी। दूसरा, राजधानी पर ट्रैफिक और प्रदूषण का दबाव कम होगा। तीसरा, गाजीपुर लैंडफिल के कचरे का उपयोग करके यह संदेश दिया गया है कि कचरे को भी संसाधन में बदला जा सकता है।
यही वजह है कि इस परियोजना पर चर्चा जरूरी है। यह सिर्फ विकास की खबर नहीं, बल्कि शहरी प्रबंधन, पर्यावरण सुधार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के सफल मॉडल के रूप में भी देखी जानी चाहिए।














