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चारधाम यात्रा 2026 के लिए कड़ा सुरक्षा कवच: 7 हजार पुलिसकर्मी, ATS–NDRF तैनात; धामी सरकार का मल्टी-लेयर प्लान

चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन योजना तैयार की है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली इस विश्वप्रसिद्ध यात्रा के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रशासन ने मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड लागू किया है, जिसमें पुलिस, आपदा प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था को एकीकृत तरीके से संचालित किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।


हाई-लेवल मॉनिटरिंग: वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी

यात्रा मार्गों की निगरानी के लिए पुलिस मुख्यालय ने वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की है। दो ADG और चार IG रैंक के अधिकारी अलग-अलग मार्गों की कमान संभालेंगे।

गंगोत्री धाम मार्ग – ADG वी. मुरुगेशन

बद्रीनाथ धाम मार्ग – ADG एपी अंशुमन

हरिद्वार पड़ाव – IG विमी सचदेवा

केदारनाथ धाम मार्ग – IG नीलेश आनंद भरणे

यमुनोत्री धाम मार्ग – IG अनंत शंकर ताकवाले

ऋषिकेश–लक्ष्मणझूला–मुनिकीरेती क्षेत्र – IG सुनील कुमार

प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से पूरे यात्रा मार्ग पर उच्च स्तर की निगरानी सुनिश्चित होगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लिया जा सकेगा।

सुरक्षा का मजबूत घेरा

यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त बनाया गया है।

लगभग 7000 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे

पूरे यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है

सभी प्रमुख धामों में ATS टीमों की विशेष तैनाती की जाएगी

संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग की व्यवस्था होगी

अधिकारियों के अनुसार, यह सुरक्षा व्यवस्था संभावित खतरों को रोकने और भीड़ नियंत्रण के लिए तैयार की गई है।

आपदा प्रबंधन: हाई अलर्ट मोड

पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी गई है।

80 स्थानों पर आपदा राहत टीमें तैनात रहेंगी

37 स्थानों पर SERF की टीमें

8 स्थानों पर NDRF की तैनाती

इसके अलावा प्रशासन ने 109 भूस्खलन संभावित जोन, 274 दुर्घटना संभावित क्षेत्र और 61 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं, जहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।

ट्रैफिक मैनेजमेंट: जाम से राहत

श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है।

118 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए

52 बॉटलनेक पॉइंट्स पर विशेष ट्रैफिक प्लान

रूट डायवर्जन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू

इसका उद्देश्य यात्रा मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखना और श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाना है।

प्रशासन का संदेश

राज्य के पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान हर स्तर पर समन्वय बनाए रखा जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और किसी भी आपात स्थिति—चाहे वह भीड़ नियंत्रण हो या प्राकृतिक आपदा—में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

चारधाम यात्रा को लेकर इस बार प्रशासनिक तैयारियां पहले से कहीं अधिक व्यापक हैं। जहां पहले यह यात्रा पूरी तरह आस्था के भरोसे मानी जाती थी, वहीं अब आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी इसे और सुरक्षित बना रही है।

कह सकते हैं कि इस बार यात्रा का सूत्र कुछ ऐसा है—
“ईश्वर की कृपा और प्रशासन की तैयारी, दोनों मिलकर बनाएंगे चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सफल।”

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
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