Thursday, April 2, 2026
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पश्चिम एशिया संकट पर सरकार अलर्ट: राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में IGoM बैठक, 24 घंटे निगरानी और राहत उपायों पर जोर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। देश पर इसके संभावित प्रभाव को कम करने और हालात पर करीबी नजर बनाए रखने के लिए मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (IGoM) की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने की, जिसमें मौजूदा हालात और सरकार की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्थिति पर 24 घंटे निगरानी बनाए रखना आवश्यक है और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए संतुलित और तत्पर रणनीति अपनाई जानी चाहिए। उनका मुख्य जोर इस बात पर रहा कि पश्चिम एशिया के संकट का असर देश के आम नागरिकों पर न्यूनतम हो।

आर्थिक और व्यापारिक राहत के बड़े कदम

बैठक में सचिवों के समूह ने सरकार द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी दी। वित्त मंत्रालय ने वैश्विक व्यापार में आ रही बाधाओं को देखते हुए उद्योगों, विशेषकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत देने के उपाय लागू किए हैं।

1 अप्रैल की अधिसूचना के तहत 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून तक पूर्ण सीमा शुल्क छूट दी गई है, जिससे उद्योगों को लागत में राहत मिलेगी और निवेशकों का भरोसा बना रहेगा।

इसके अलावा, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की इकाइयों को विशेष राहत देते हुए उन्हें 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रियायती दरों पर घरेलू बाजार (DTA) में उत्पाद बेचने की अनुमति दी गई है।

ATF कीमतों पर नियंत्रण

सरकार ने एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में होने वाली मासिक वृद्धि पर 25% की सीमा तय करने का निर्णय लिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है। राजनाथ सिंह ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे हवाई किरायों में अचानक बढ़ोतरी को रोका जा सकेगा और आम यात्रियों को राहत मिलेगी।

LPG आपूर्ति पर विशेष ध्यान

बैठक में बताया गया कि सरकार ने घरेलू एलपीजी आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया गया है और फिलहाल किसी भी तरह की कमी की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है।

हालांकि कुछ क्षेत्रों में जमाखोरी और कालाबाजारी के कारण अस्थायी संकट की स्थिति बनी थी, जिसके चलते घबराहट में खरीदारी (panic buying) देखने को मिली। इस पर काबू पाने के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी और सख्त कार्रवाई की जा रही है।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रवासी मजदूरों और कम आय वाले परिवारों के लिए 5 किलो के छोटे LPG सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। 23 मार्च 2026 से अब तक ऐसे 4.3 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं।

औद्योगिक जरूरतों और वैकल्पिक ईंधन पर जोर

कमर्शियल LPG पर निर्भर उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार प्रयासरत है और आपूर्ति को संकट-पूर्व स्तर के 80% से अधिक बनाए रखा गया है। साथ ही, वैकल्पिक ईंधन के रूप में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

फेक न्यूज और अफवाहों पर सख्ती

बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर मॉर्फ्ड तस्वीरों और भ्रामक सूचनाओं के जरिए दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रख रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार बहु-स्तरीय रणनीति के साथ काम कर रही है, जिसमें आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा आपूर्ति और जनसुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। IGoM की यह बैठक आने वाले समय में सरकार की तैयारियों और नीतिगत दिशा को स्पष्ट करती है।

 

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
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