आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक अहम संगठनात्मक निर्णय लेते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर जानकारी दी है। साथ ही, पत्र में यह भी कहा गया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय न दिया जाए।
डॉ. अशोक मित्तल बने नए उप नेता
AAP ने पंजाब से राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल को राज्यसभा में अपना नया उप नेता नियुक्त किया है। इस बदलाव के साथ पार्टी ने अपने संसदीय नेतृत्व में बड़ा फेरबदल किया है।
मतभेदों की अटकलों को मिला बल
पिछले कुछ समय से Aam Aadmi Party और राघव चड्ढा के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही थीं। इस ताजा फैसले के बाद इन अटकलों को और मजबूती मिलती दिख रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से किसी आधिकारिक विवाद या अलगाव को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया गया है।
पार्टी में अहम भूमिका निभा चुके हैं चड्ढा
राघव चड्ढा पार्टी के शुरुआती सदस्यों में से एक रहे हैं। उन्होंने 2012 में Arvind Kejriwal के साथ दिल्ली लोकपाल आंदोलन के दौरान अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी।
AAP में उनका कद तेजी से बढ़ा—वे राष्ट्रीय प्रवक्ता बने और 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव जीत के बाद पार्टी के सबसे युवा कोषाध्यक्ष भी बने।
उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव दक्षिण दिल्ली से लड़ा, हालांकि उन्हें Ramesh Bidhuri से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2020 में उन्होंने राजेंद्र नगर सीट से दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत वापसी की।
सबसे युवा राज्यसभा सांसदों में रहे शामिल
2022 में राघव चड्ढा 33 वर्ष की उम्र में देश के सबसे युवा राज्यसभा सांसदों में शामिल हुए। उन्होंने Manish Sisodia और Bhagwant Mann जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर पार्टी के संसदीय और संगठनात्मक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्या आगे और बदलाव होंगे?
AAP के इस फैसले को पार्टी के भीतर रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में पार्टी के अंदर और क्या बड़े फैसले सामने आते हैं।














