पटना:पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का बिहार विधानसभा से प्रस्तावित इस्तीफा रविवार को आखिरी समय में टल गया। इस्तीफा देने के लिए रविवार सुबह 8:40 बजे का विशेष मुहूर्त तय किया गया था, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही नितिन नवीन अचानक दिल्ली लौट गए, जिसके बाद इस्तीफे की प्रक्रिया स्थगित हो गई।
सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से सुबह 8:40 बजे इस्तीफा देने का समय भी तय कर दिया गया था और उसी के अनुरूप तैयारी की गई थी। आम तौर पर रविवार को अवकाश रहने के बावजूद विधानसभा परिसर को विशेष रूप से खोला गया था। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी दिल्ली से पटना लौटकर सुबह से ही विधानसभा में मौजूद थे ताकि इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके।
हालांकि, आखिरी समय में संदेश आया कि कुछ कारणों से नितिन नवीन आज विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं देंगे। बताया जा रहा है कि किसी आपात कारण से उन्हें असम रवाना होना पड़ा, जिसके चलते यह कार्यक्रम टाल दिया गया।
राज्यसभा चुनाव के बाद देना है इस्तीफा
गौरतलब है कि नितिन नवीन पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और 16 मार्च को वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर भी राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।
बिहार विधानसभा की नियमावली के अनुसार, यदि कोई विधायक राज्यसभा या विधान परिषद के लिए निर्वाचित होता है तो उसे 14 दिनों के भीतर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना अनिवार्य होता है। साथ ही सदस्य को अपना इस्तीफा विधानसभा सचिवालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देना होता है।
30 मार्च अंतिम तिथि
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को हुआ था, इसलिए विधानसभा से इस्तीफा देने की अंतिम तिथि 30 मार्च मानी जा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि गजट अधिसूचना जारी होने के बाद जल्द ही इस्तीफे की नई तारीख तय की जाएगी।
नीतीश कुमार के इस्तीफे पर भी नजर
नितिन नवीन के इस्तीफे के टलने के साथ ही बिहार की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर भी राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है।
फिलहाल सबकी नजरें अगले 24 घंटों पर टिकी हैं, क्योंकि राज्यसभा निर्वाचन का गजट जारी होने के बाद ही आगे की राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। वहीं एनडीए की स्थिति और संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।














