पीपा पुल पर बड़ा हादसा टला, मवेशियों से लदा पिकअप वाहन फंसा
स्लीपर खिसकने से पुल में लटका वाहन
गाज़ीपुर – भांवरकोल क्षेत्र के फिरोजपुर-बारा पीपा पुल पर बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुल पर लगी लकड़ी का स्लीपर खिसक जाने से मवेशियों से लदा एक पिकअप वाहन पुल में फंसकर लटक गया। संयोगवश वाहन गंगा नदी की धारा में नहीं गिरा, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी।
मौके पर पहुंची पुलिस, चालक फरार
घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष संतोष कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पुल में फंसे वाहन को निकालने का प्रयास शुरू कराया। तिरपाल से ढके वाहन में लदे मवेशी छटपटा रहे थे। हालांकि समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। वाहन फंसने के बाद चालक मौके से फरार हो गया।
सात गायें लदी थीं, चार की मौत
ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने वाहन पर बंधी प्लास्टिक की तिरपाल हटवाई और मवेशियों को बाहर निकलवाया। वाहन में क्रूरता पूर्वक कुल सात गायें लादी गई थीं। इनमें से चार गायों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, एक गाय जीवन-मरण के बीच जूझ रही थी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल थीं।
जर्जर स्लीपरों पर दौड़ते ओवरलोड वाहन
लोक निर्माण विभाग द्वारा लोगों की सुविधा के लिए फिरोजपुर-बारा तट पर पीपा पुल का निर्माण कराया गया है। इस पुल से बाइक, चारपहिया वाहन और पैदल यात्री गंगा पार करते हैं। बावजूद इसके जर्जर लकड़ी के स्लीपरों पर आए दिन ओवरलोड वाहन गुजरते रहते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी की आशंका
उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर स्थित होने के कारण पशु तस्कर भी रात के अंधेरे में इस पुल का उपयोग करते हैं। बुधवार रात भी पशु लदा वाहन इसी रास्ते से गुजर रहा था, तभी स्लीपर टूटने से वाहन पुल में फंस गया। पुल पर आवागमन बंद होने के कारण लोगों को नाव के सहारे गंगा पार करनी पड़ी।
विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल
अवर अभियंता रवि कुमार यादव के अनुसार, ओवरलोड वाहनों के दबाव से लोहे के गर्डर में लगे बोल्ट कट गए, जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया। थाना अध्यक्ष ने बताया कि वाहन को निकालने का प्रयास जारी है और मामले में संलिप्त लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की जाएगी।














