मुंबई: महाराष्ट्र में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर और भाजपा में उम्मीदवारों को लेकर गहन मंथन जारी है। सबसे ज्यादा चर्चा Parth Pawar के नाम को लेकर है, जिन्हें Ajit Pawar गुट की ओर से लगभग तय माना जा रहा है।
सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट
दरअसल, Sunetra Pawar ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर अब पार्थ पवार का नाम आगे बढ़ाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगी। यह बैठक Praful Patel के आवास पर हुई, जिसमें Sunil Tatkare समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बताया जा रहा है कि 26 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर भी चर्चा होनी है।
भाजपा में ‘बाहरी’ उम्मीदवारों को लेकर असंतोष
उधर, भाजपा को राज्यसभा की चार सीटें मिलने की संभावना है। लेकिन पार्टी के भीतर इस बात को लेकर असंतोष उभर रहा है कि अन्य दलों से हाल ही में आए नेताओं को टिकट न दिया जाए। पार्टी के कुछ पुराने और वफादार कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाहर से आए नेताओं को तुरंत बड़े पद दिए जाने से समर्पित कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मुद्दा पार्टी हाईकमान के सामने भी उठाया गया है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व के लिए संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रामदास अठावले का नाम तय, बाकी सीटों पर चर्चा
जानकारी के अनुसार, Ramdas Athawale का नाम एक सीट के लिए लगभग तय माना जा रहा है। एक सीट सहयोगी दल आरपीआई को दी जा सकती है, जबकि शेष सीटों के लिए अभी चर्चा जारी है।
पार्टी के भीतर यह भी मंथन चल रहा है कि संगठन के पुराने नेताओं को प्राथमिकता दी जाए या रणनीतिक दृष्टि से नए चेहरों को मौका दिया जाए।
शिंदे गुट से राहुल शेवाले आगे
वहीं, मुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट से Rahul Shewale का नाम राज्यसभा के लिए लगभग पक्का माना जा रहा है। इसके अलावा शिंदे गुट से Shaina NC और Sanjay Nirupam के नामों पर भी चर्चा चल रही है।
राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम
राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन पत्र 5 मार्च तक स्वीकार किए जाएंगे। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 मार्च तक नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। यदि आवश्यक हुआ तो 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम को मतगणना भी होगी।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अजित पवार गुट, भाजपा और शिंदे गुट—तीनों ही अपने-अपने दावेदारों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। अब देखना होगा कि अंतिम सूची में किन नामों पर मुहर लगती है और कौन राज्यसभा की ‘लॉटरी’ जीतता है।














